पानी की रेहड़ी के लिए 20 हजार की रिश्वत! कश्मीरी गेट चौकी इंचार्ज CBI के जाल में फंसा

पानी की रेहड़ी के लिए 20 हजार की रिश्वत! कश्मीरी गेट चौकी इंचार्ज CBI के जाल में फंसा

दिल्लीः , 25 मार्च 2026 ।राजधानी Delhi के व्यस्त इलाके Kashmere Gate से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पानी की रेहड़ी (ठेला) लगवाने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले चौकी इंचार्ज को Central Bureau of Investigation (CBI) ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली में सट्टा चलवाने के 20 हजार लेने के बाद पानी की रेहड़ी लगवाने के लिए भी 20 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने कश्मीरी गेट पुलिस चौकी के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। पुलिसकर्मी पर आरोप है कि कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास पानी की रेहड़ी लगाने वाले से रकम मांगी गई थी। जिले के आला अधिकारी ने आरोपी के गिरफ्तार होने की पुष्टि की है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एसआई ने रेहड़ी संचालक से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। मामले से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना पहले ही सीबीआई को दे दी। इसके बाद एजेंसी ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी पुलिसकर्मी ने एक स्थानीय रेहड़ी लगाने वाले व्यक्ति से इलाके में काम करने की अनुमति देने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत CBI से की, जिसके बाद एजेंसी ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।

CBI अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं, जो अदालत में पेश किए जाएंगे।

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन छोटे व्यापारियों के लिए जो रोजमर्रा की जीविका के लिए ऐसे अनौपचारिक कार्यों पर निर्भर रहते हैं। रेहड़ी-पटरी वालों को अक्सर इस तरह की अवैध वसूली का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसके लिए लगातार निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है।