ट्रंप का अपनी नौसेना को सख्त आदेश-"Shoot and kill", होर्मुज़ में माइन बिछाने वाली बोट देखते ही उड़ा दो
वॉशिंगटन, 23 अप्रैल 2026 । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा एक सख्त बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में माइन बिछाने वाली संदिग्ध नावों को देखते ही “Shoot and Kill” की कार्रवाई की जाए। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच सामने आया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले से ही होर्मुज़ में माइन हटाने का काम कर रहा है और अब इसे तीन गुना बढ़ाने का आदेश दिया गया है। यह कदम समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। इस बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जहाजों की आवाजाही सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 96% तक कम हो गई है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सख्त रुख समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित खतरों को रोकने के लिए अपनाया गया। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में जहाजों पर हमलों और माइन बिछाने की घटनाओं ने वैश्विक चिंता बढ़ाई है, जिसके चलते अमेरिका और उसके सहयोगी देश सतर्क हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं, लेकिन साथ ही यह एक मजबूत संदेश भी देते हैं कि समुद्री सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, ऐसी स्थिति में कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि किसी बड़े सैन्य टकराव से बचा जा सके।
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है, क्योंकि होर्मुज़ क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल कीमतों पर तुरंत पड़ सकता है।


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