पंजाब की भाखड़ा नहर में मिला 26 साल पुराना रहस्य! गोताखोर को दिखी डूबी हुई वैन, अंदर से मानव कंकाल और बच्चे की शर्ट बरामद

पंजाब की भाखड़ा नहर में मिला 26 साल पुराना रहस्य! गोताखोर को दिखी डूबी हुई वैन, अंदर से मानव कंकाल और बच्चे की शर्ट बरामद

रूपनगर , 21 मई 2026 । पंजाब के रूपनगर (रोपड़) जिले में भाखड़ा नहर में एक हैरान कर देने वाला खुलासा सामने आया है। एक शव की तलाश में उतरे गोताखोरों को नहर के अंदर एक पुरानी वैन दिखाई दी, जिसे बाहर निकालने पर मामला रहस्यमयी बन गया। बताया जा रहा है कि यह वैन करीब 26 साल पुरानी हो सकती है। वाहन के अंदर से मानव कंकाल, बच्चे की शर्ट और कई संदिग्ध सामान मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

कैसे मिली वैन

  • दरअसल स्थानीय गोताखोर कमलप्रीत सैनी एक शव की तलाश के लिए भाखड़ा नहर में उतरे थे।
  • इसी दौरान उनकी नजर नहर के तल में पड़ी एक जंग लगी वैन पर पड़ी।
  • करीब 32 फुट गहरी नहर में वर्षों से पड़ी इस वैन की हालत बेहद खराब हो चुकी थी।
  • वैन की छत और पिछला हिस्सा पूरी तरह जंग खाकर नष्ट हो चुका था, जबकि अगला हिस्सा किसी तरह बचा हुआ था।

जानकारी के मुताबिक गोताखोर नहर में एक अन्य मामले में शव की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पानी के भीतर धंसी हुई एक वैन नजर आई। जब क्रेन और रेस्क्यू टीम की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया तो उसमें से मानव अवशेष मिलने पर पुलिस भी चौंक गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला कई साल पुरानी गुमशुदगी या हादसे से जुड़ा हो सकता है।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बरामद कंकाल को डीएनए परीक्षण और पोस्टमार्टम जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मृतकों की पहचान की जा सके। बच्चे की शर्ट मिलने से मामला और संवेदनशील हो गया है, क्योंकि इससे यह संभावना भी जताई जा रही है कि वाहन में एक परिवार या बच्चा भी मौजूद रहा होगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार नहर में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस तरह वर्षों पुरानी वैन और मानव कंकाल का मिलना बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस पुराने रिकॉर्ड, गुमशुदगी की फाइलें और वाहन के नंबर से जुड़ी जानकारी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह दुर्घटना थी, आत्महत्या या फिर किसी साजिश का हिस्सा।

इस घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक पानी में रहने के कारण सबूतों को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक से कई अहम सुराग मिल सकते हैं।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस 26 साल पुराने रहस्य से पर्दा उठ सकता है।