नैनीताल के कोटाबाग में बनेगा आधुनिक वृद्धाश्रम, CM धामी का बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल पर जोर
हल्द्वानी, 01 मई 2026 । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुजुर्गों के कल्याण को लेकर एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि Kotabagh (नैनीताल) में एक आधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 के समापन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि 'वरिष्ठ जनों का यह बेटा उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देगा।' उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की उपस्थिति समाज में ऊर्जा का संचार करती है और उनके अनुभव से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह वृद्धाश्रम आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जहां स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित देखभाल, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। खासतौर पर ऐसे बुजुर्ग, जिनके पास पारिवारिक सहारा नहीं है या जो अकेले रह रहे हैं, उन्हें यहां सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।
इस परियोजना के तहत बुजुर्गों के लिए चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाएं, योग और ध्यान केंद्र, और सामुदायिक गतिविधियों के लिए विशेष स्थान विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल बुजुर्गों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि समाज में उनके प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं और उनका सम्मान तथा देखभाल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी लगातार मजबूत कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में बेहद जरूरी हो गई है, जहां संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवार बढ़ रहे हैं। ऐसे में वृद्धाश्रम जैसी सुविधाएं बुजुर्गों के लिए सहारा बन सकती हैं।
कुल मिलाकर, कोटाबाग में बनने वाला यह आधुनिक वृद्धाश्रम बुजुर्गों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सक्रिय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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