गैस सिलेंडर की कीमत पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव का BJP पर तंज—“7 रुपये की राहत या दिखावा?”

गैस सिलेंडर की कीमत पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव का BJP पर तंज—“7 रुपये की राहत या दिखावा?”

लखनऊ , 01 मई 2026 । रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में मामूली बदलाव को लेकर राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “सीधे 1000 रुपये बढ़ा देते, ये 7 रुपये का एहसान क्यों किया जा रहा है?” उनके इस बयान ने गैस सिलेंडर की कीमतों और महंगाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है। शुक्रवार को वाणिज्यिक एलपीजी के दाम में 993 रुपये प्रति 19 किलोग्राम सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई, जो अब तक की सबसे तेज वृद्धि मानी जा रही है। यह लगातार तीसरा महीना है जब कीमतों में इजाफा हुआ है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय छोटे-छोटे बदलावों को बड़ा दिखाकर प्रचार कर रही है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलेंडर के दाम आम आदमी के बजट पर भारी पड़ रहे हैं, और इस तरह की मामूली कटौती से कोई वास्तविक राहत नहीं मिलती।

दूसरी ओर, Bharatiya Janata Party के नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों के आधार पर घरेलू दरें तय होती हैं। उनके मुताबिक, सरकार समय-समय पर कीमतों में संतुलन बनाने की कोशिश करती है ताकि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई गैस की कीमतें लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा रही हैं, क्योंकि इसका सीधा असर हर घर के खर्च पर पड़ता है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दा बन जाता है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महंगाई और जीवन यापन की लागत को लेकर जनता में पहले से ही असंतोष देखने को मिल रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर के दामों पर उठे सवाल आने वाले चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, गैस कीमतों को लेकर शुरू हुई यह बयानबाजी केवल आर्थिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह सियासी रणनीति और जनभावनाओं को प्रभावित करने का बड़ा माध्यम बन चुकी है।