शालीमार पैराडाइज में करोड़ों की चोरी का सनसनीखेज खुलासा, सट्टे के कर्ज में डूबे पड़ोसी ने रची थी पूरी साजिश
लखनऊ , 08 मई 2026 । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित शालीमार पैराडाइज सोसायटी में में हुई करोड़ों रुपये की हाईप्रोफाइल चोरी के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड एक रिटायर्ड अफसर का बेटा था, जिसने सट्टेबाजी में भारी कर्ज चुकाने के लिए अपने ही पड़ोसी के घर को निशाना बनाया। मामले का खुलासा होते ही इलाके में हड़कंप मच गया और लोग आरोपी की सच्चाई जानकर हैरान रह गए।
मूल रूप से देवरिया निवासी ठेकेदार अजय सिंह बघेल वर्तमान में शालीमार पैराडाइज में परिवार सहित रहते हैं। वह 19 अप्रैल को अपने परिवार के साथ गोरखपुर गए थे। 30 अप्रैल को लौटने पर उन्होंने घर की अलमारी टूटी हुई देखी, जिसमें रखे करोड़ों रुपए मूल्य के हीरे, पन्ना जड़ित आभूषण, सोना-चांदी तथा लाइसेंसी पिस्टल गायब मिले। पॉश सोसायटी में हुई इस बड़ी चोरी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 27 अप्रैल को घर का सीसीटीवी सिस्टम बंद कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस का शक पड़ोसी आकर्ष सिंह उफर् यश पर गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन और स्थानीय सट्टेबाजी में पैसे हार रहा था। लगातार बढ़ते कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते उसने चोरी की साजिश रची। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी को पड़ोसी परिवार की दिनचर्या, घर की सुरक्षा व्यवस्था और कीमती सामान की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
जांच में पता चला कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से घर में प्रवेश किया और नकदी, जेवरात तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गया। शुरुआत में पुलिस को शक बाहरी गिरोह पर था, लेकिन CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच पड़ोस तक पहुंची। पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और पूरे मामले का खुलासा हो गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने सट्टेबाजी में लाखों रुपये गंवा दिए थे और कर्जदारों का दबाव लगातार बढ़ रहा था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की बढ़ती लत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ रहे बेटिंग नेटवर्क युवाओं को आर्थिक और मानसिक संकट की ओर धकेल रहे हैं। कई मामलों में लोग कर्ज के बोझ तले अपराध की राह तक चुन रहे हैं।
इलाके के लोगों का कहना है कि आरोपी सामान्य व्यवहार करता था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतने बड़े अपराध की साजिश रच सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के वित्तीय लेनदेन तथा सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।


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