बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ा घोटाला: 70 करोड़ गायब, हाई कोर्ट ने 217 करोड़ जमा कराने के दिए आदेश

बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ा घोटाला: 70 करोड़ गायब, हाई कोर्ट ने 217 करोड़ जमा कराने के दिए आदेश

नई दिल्ली, 06 मई 2026 । देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक Bank of Baroda से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय मामला सामने आया है, जहां जमा फंड में से करीब 70 करोड़ रुपये गायब होने की बात सामने आई है। इस गंभीर अनियमितता को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा, जिसके बाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पक्षों को 217 करोड़ रुपये जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब वन और वन्यजीव विभाग ने 5.25 पसेंट की ब्याज दर का फायदा उठाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 223 करोड़ बैंक ऑफ बड़ौदा की देशबंधु रोड ब्रांच में ट्रांसफर कर दिए। यह जमा रकम 113 फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदों में बंटी हुई थी। हालांकि, बाद में विभाग ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों ने 'बदनीयती' से काम किया, जिसके चलते 70.25 करोड़ अवैध रूप से निकाल लिए गए।

जानकारी के अनुसार, यह मामला बैंकिंग लेन-देन में गड़बड़ी, फर्जीवाड़े और संभावित धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फंड के प्रबंधन में भारी लापरवाही या सुनियोजित हेराफेरी हुई है, जिसके चलते इतनी बड़ी राशि का नुकसान हुआ।

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल धनराशि की भरपाई के आदेश दिए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करें और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित पक्षों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने बैंकिंग सिस्टम की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं वित्तीय संस्थानों में जोखिम प्रबंधन और ऑडिट सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत को दर्शाती हैं।

बैंक की ओर से कहा गया है कि मामले की आंतरिक जांच जारी है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जा सके। साथ ही नियामक संस्थाएं भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

यह मामला न केवल बैंकिंग क्षेत्र के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वित्तीय अनुशासन और सख्त निगरानी कितनी जरूरी है।