फ्लाइट के लैंडिंग गियर में छुपकर दिल्ली आया युवक: सुरक्षा में बड़ा चूक

फ्लाइट के लैंडिंग गियर में छुपकर दिल्ली आया युवक: सुरक्षा में बड़ा चूक

काबुल , 23 सितम्बर 25। दिल्ली हवाई अड्डे पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने फ्लाइट के लैंडिंग गियर में छिपकर दिल्ली आने का जोखिम उठाया। यह घटना न केवल यात्रियों और एयरलाइंस की सुरक्षा के सवाल खड़े करती है, बल्कि हवाई अड्डा सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी परीक्षा है।

अफगानिस्तान से एक 13 साल का लड़का प्लेन के लैंडिंग गियर में छुपकर भारत आ गया। यह घटना रविवार, 21 सितंबर की है।

अफगानिस्तान की KAM एयरलाइन की फ्लाइट RQ-4401 काबुल के हामिद करजई एयरपोर्ट से भारतीय समयानुसार सुबह 8:46 बजे रवाना हुई और सुबह 10:20 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर उतरी।

एयरलाइन कर्मचारियों ने फ्लाइट के पास एक लड़के को घूमते देखा। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को तुरंत सूचित किया। इसके बाद CISF ने लड़के को हिरासत में ले लिया और पुलिस को सौंप दिया।

लड़के ने अधिकारियों को बताया कि उसने जिज्ञासा की वजह ऐसा किया। वह देखना चाहता था कि कैसा लगता है। लड़का अफगानिस्तान के कुंदुज शहर का रहने वाला है।

सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि लड़का काबुल एयरपोर्ट में घुस गया था और किसी तरह विमान के पिछले लैंडिंग गियर कम्पार्टमेंट में घुसने में कामयाब रहा। विमान की पूरी जांच के बाद इसे सुरक्षित घोषित किया गया। उसी दिन लड़के को उसी फ्लाइट से अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया।

लड़के के जिंदा बचने से एजेंसियां हैरान

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, विमान में पहिये के पास छिपकर यात्रा करना बेहद खतरनाक होता है। 30 हजार फीट की ऊंचाई पर तापमान माइनस 40 से माइनस 60°0C तक गिर जाता है और ऑक्सीजन भी बेहद कम हो जाती है, जिससे कुछ ही मिनटों में बेहोशी या मौत हो सकती है।

हालांकि, इस मामले में एजेंसियां हैरान हैं कि लड़का कैसे जिंदा बच गया, क्योंकि लैंडिंग गियर कम्पार्टमेंट विमान के सबसे निचले हिस्से में होता है। इसमें सुरक्षा उपकरण, ब्रेक सिस्टम और हाइड्रोलिक पाइप होते हैं।

इस तरह के छिपने के प्रयासों में जीवित रहने की दर बेहद कम है, दुनियाभर में केवल लगभग 20% ही जीवित बचते हैं।