भुवनेश्वर स्थित BMC ऑफिस में घुसकर Additional Commissioner रत्नाकर साहू की पिटाई

भुवनेश्वर स्थित BMC ऑफिस में घुसकर Additional Commissioner रत्नाकर साहू की पिटाई

नई दिल्ली । 01 जुलाई 25। ओडिशा के भुवनेश्वर में सोमवार को भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) के एडिशनल कमिश्नर रत्नाकर साहू की जनसुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में 6-8 लोग साहू को उनके ऑफिस से घसीटकर बाहर निकालते दिख रहे हैं। गालियां दे रहे और लगातार घूंसों से मारा जा रहा है। इसी बीच एक शख्स अधिकारी के चेहरे पर पैर से लात मारता है। शर्ट का कॉलर पकड़कर साहू को घसीट रहे, वो जमीन पर गिरे हैं।

मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं हमले के विरोध में ओडिशा प्रशासनिक सेवा (OAS) के अधिकारी 1 जुलाई से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। यह फैसला OAS संघ की बैठक में लिया गया। इसकी जानकारी सभी जिला इकाइयों को पत्र लिखकर दी गई है।

साहू बोले- मैं हमलावरों को नहीं जानता घटना के बाद मीडिया से बातचीत में साहू ने कहा- मैं हमलावरों को नहीं जानता हूं। उन्होंने मेरे साथ हाथापाई की और कार में ले जाने की कोशिश कर रहे थे। मैं इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दूंगा और जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी।

वहीं, BMC के अधिकारियों ने ऑफिस परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पूरे दिन कामकाज नहीं हुआ। कर्मचारियों की मांग है कि दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

छह युवकों ने चैंबर में घुसकर हमला किया शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, 6 लोग साहू के चैंबर में घुसे और उनके साथ मारपीट करने लगे। लोगों ने अधिकारी पर हमला क्यों किया, इसको लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ हमलावरों की पहचान भी नहीं हुई है।

नवीन पटनायक बोले- भाजपा नेता की मौजूदगी में मारपीट, तुरंत कार्रवाई हो

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर अधिकारी से मारपीट का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा- मैं यह वीडियो देखकर हैरान हूं। सीनियर अधिकारी को उनके कार्यालय से घसीटकर बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा गया। यह हमला एक बीजेपी पार्षद की मौजूदगी में हुआ।

पटनायक ने आगे कहा- मैं मोहन चरण माझी से अपील करता हूं कि इस शर्मनाक हमले को अंजाम देने वालों के खिलाफ तो सख्त कार्रवाई हो ही। इससे भी ज्यादा जरूरी है कि इस साजिश में शामिल राजनीतिक नेताओं पर भी तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए। FIR में जिन लोगों के नाम हैं, उन्होंने आपराधिक तरीके से व्यवहार किया है।