अफगानिस्तान का पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर हमले का दावा
इस्लामाबाद/ काबुल, 02 मार्च 2026 । अफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर हमले के दावे की खबर ने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि इस तरह की घटनाओं में आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि सीमा पार सैन्य ठिकानों पर हमले के दावे अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों में सामने आते हैं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बीते चार दिनों से लगातार हवाई हमले और गोलीबारी जारी है। तालिबान सरकार का कहना है कि हमने पाकिस्तान के बेहद संवेदनशील नूर खान एयरबेस पर हमला किया है। यह एयरबेस रावलपिंडी में है।
इसके साथ ही तालिबान के एक मंत्री ने दावा किया कि उनके लड़ाके डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की जमीन में घुस चुके हैं। तालिबान के मुताबिक, क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं।
ये कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से काबुल, बगराम और अन्य इलाकों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि अब तक 400 से ज्यादा अफगान लड़ाके मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक दोनों देशों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में
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रक्षा मंत्रालय या सेना के प्रवक्ता की पुष्टि
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हताहतों या नुकसान की जानकारी
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हमले की प्रकृति (ड्रोन, मिसाइल, रॉकेट आदि)
स्पष्ट तस्वीर देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
यदि हमला या कोशिश की पुष्टि होती है, तो यह दक्षिण एशिया में सुरक्षा संतुलन पर असर डाल सकता है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध पहले से ही सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और शरणार्थी मुद्दों को लेकर संवेदनशील रहे हैं। ऐसी खबरों के मामले में आधिकारिक स्रोतों और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है, क्योंकि गलत या अपुष्ट जानकारी क्षेत्र में अनावश्यक तनाव बढ़ा सकती है।


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