अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामला — पायलट सुमीत सभरवाल के पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जांच की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
अहमदाबाद , 16 अक्टूबर 2025 । अहमदाबाद में हाल ही में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश हादसे ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में अब पायलट सुमीत सभरवाल के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, उन्होंने अपनी याचिका में दुर्घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के क्रैश की जांच को लेकर पायलट के पिता पुष्कराज सभरवाल और इंडियन पायलट्स फेडरेशन ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि वे एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की जांच पर भरोसा खो चुके हैं। इसलिए हम स्वतंत्र जांच की मांग करते हैं।
याचिकार्ताओं ने कोर्ट की निगरानी में जांच या कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की मांग की है। याचिकार्ताओं ने कहा कि नई टीम में स्वतंत्र स्पेश्लिस्ट और एविएशन एक्सपर्ट शामिल हों।
अपील में कहा गया कि AAIB की सारी जांच बंद हो जाए और सारे सबूत कोर्ट की निगरानी वाली कमेटी को सौंप दिए जाए। सुप्रीम कोर्ट याचिका पर दिवाली के बाद सुनवाई करेगा।
अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान 12 जून को टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया था। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी। सुमीत सभरवाल फ्लाइट के मुख्य पायलट और क्लाइव कुंदर को-पायलट थे।
AAIB ने अपनी रिपोर्ट में पायलट की गलती का जिक्र किया था
AAIB की 12 जुलाई को आई प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट की गलती का जिक्र होने से परिवार और पायलट संगठनों में नाराजगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के बाद फ्यूल कट-ऑफ स्विचेस को बंद कर दिया गया था, लेकिन कॉकपिट की ऑडियो से साफ नहीं हो रहा कि ऐसा क्यों हुआ।
एक महीने पहले अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मारे गए कैप्टन सुमीत सभरवाल के 91 साल के पिता पुष्करराज सभरवाल ने केंद्र सरकार से हादसे की नए सिरे से जांच की मांग की थी। उन्होंने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्राइमरी जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में पायलट की गलती को लेकर उठ रही चर्चाओं को अफसोसजनक बताया था। इसके लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से जवाब भी मांगा था।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बैंच ने इस मामले में स्वतंत्र जांच करवाने की संभावना पर भी चर्चा की थी।


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