अहमदाबाद प्लेन क्रैश — विमान में पहले से तकनीकी खराबी थी, अमेरिकी सुरक्षा समूह ने दावा किया
नई दिल्ली, 23 जनवरी 2026 । गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए दर्दनाक एयर इंडिया विमान क्रैश (AI-171) को लेकर जारी जांच और नए दावों में यह बात सामने आई है कि क्रैश से पहले इस विमान (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) में कई तकनीकी खराबियां पहले से मौजूद थीं। एक अमेरिकी विमानन सुरक्षा समूह फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने रिपोर्ट में यह दावा किया है कि विमान ने सेवा में रहते हुए कई बार तकनीकी समस्याओं का सामना किया था, जो हादसे से जुड़ी गंभीर जांच का हिस्सा बने हैं।
अहमदाबाद में 12 जून 2025 को क्रैश हुए एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान में पहले से कई गंभीर तकनीकी दिक्कतें थीं। चार साल पहले प्लेन में आग भी लगी थी।
अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक के बाद एक कई सिस्टम बंद हुए। हो सकता है कि यही हादसे की वजह बना हो।
विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद अहमदाबाद के रिहायशी इलाके में गिर गया था। इस हादसे में 270 लोगों की मौत हुई थी। सिर्फ एक शख्स जिंदा बचा था।
FAS ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान के पहले दिनों से ही इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर फॉल्ट्स आए थे, जिनमें सर्किट ब्रेकर का बार-बार ट्रिप होना, वायरिंग डैमेज, शॉर्ट सर्किट, बिजली की आपूर्ति में कमी और पावर सिस्टम के गर्म होने जैसी समस्याएं शामिल थीं। यह रिपोर्ट अमेरिकी संसद में भी प्रस्तुत की गई है, जिससे यह सवाल उठ रहे हैं कि विमान में मौजूद ये खराबियां कैसे घरेलू उड़ान संचालन के दौरान प्रभावी ढंग से ठीक न की गई थीं।
कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि विमान में कभी आग का मामला भी दर्ज हो चुका था, जो सुरक्षा खामियों को और उजागर करता है। FAS के अनुसार, यह विमान लंबे समय से रख-रखाव और गुणवत्ता नियंत्रण के मामलों में पहचानी गई कमियों के साथ उड़ान भर रहा था। हालांकि आधिकारिक जांच अभी भी जारी है और भारतीय विमान दुर्घटना जांच एजेंसी (AAIB) सहित अन्य प्राधिकरणों द्वारा विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। इससे पहले AAIB की प्रारंभिक जांच में फ्यूल स्विच के बंद होने जैसे संकेत मिले थे, लेकिन विशेषज्ञ और विमानन सुरक्षा समूहों ने कहा है कि तकनीकी दोषों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। दुर्घटना के कारणों पर अभी तक अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है, लेकिन यह दावा विमान की पूर्व खराबियों को बड़े हादसे से जोड़ता है।


RashtriyaPravakta