नशे की हालत में मिला एअर इंडिया का पायलट, कनाडा ने भारत से मांगा जवाब

नशे की हालत में मिला एअर इंडिया का पायलट, कनाडा ने भारत से मांगा जवाब

नई दिल्ली, 02 जनवरी 2026 । एअर इंडिया से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पायलट को ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए जाने का आरोप लगा है। यह घटना कनाडा में सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। कनाडाई विमानन अधिकारियों ने इस मामले को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन बताते हुए भारत सरकार और एअर इंडिया से औपचारिक जवाब मांगा है।

कनाडा ने ड्यूटी से पहले पायलट के शराब पीने के मामले में एअर इंडिया से जवाब मांगा है। मामला 23 दिसंबर, 2025 का है। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की शिकायत पर कनाडा की एविएशन अथॉरिटी, ट्रांसपोर्ट कनाडा ने 24 दिसंबर 2025 को एयरलाइन को लेटर लिखा।

ट्रांसपोर्ट कनाडा ने इसे गंभीर सुरक्षा मामला बताते हुए जांच की मांग की। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने एअर इंडिया से कहा- यह घटना कनाडियन एविएशन रेगुलेशंस (CARs) का उल्लंघन है। इसमें CARs 602.02 और 602.03 के साथ-साथ एअर इंडिया के फॉरेन एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (FAOC) की शर्तों का उल्लंघन हुआ है।

कनाडाई एविएशन अथॉरिटी ने कहा- RCMP और ट्रांसपोर्ट कनाडा सिविल एविएशन (TCCA) की ओर से प्रवर्तन कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने भारतीय एयरलाइन कंपनी से जरूरी कदम उठाने और 26 जनवरी तक जांच निष्कर्ष और कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।

कनाडा के नागरिक उड्डयन विभाग ने इस घटना को उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत किसी भी पायलट का नशे की हालत में पाया जाना बेहद गंभीर मामला है और इसके लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। इसी कड़ी में कनाडा ने भारत से यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित पायलट के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है।

एअर इंडिया की ओर से प्रारंभिक बयान में कहा गया है कि कंपनी सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं करती और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पायलट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा सकता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भी इस मामले की समीक्षा कर सकता है।

इस घटना ने भारतीय विमानन सुरक्षा मानकों और एयरलाइनों की आंतरिक निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इस तरह की लापरवाही न सिर्फ यात्रियों की जान को खतरे में डालती है, बल्कि देश की वैश्विक छवि को भी नुकसान पहुंचाती है।

फिलहाल, कनाडा द्वारा मांगे गए जवाब पर भारत सरकार, डीजीसीए और एअर इंडिया की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला आने वाले दिनों में दोनों देशों के विमानन अधिकारियों के बीच औपचारिक संवाद का विषय बन सकता है।