अहमदाबाद में पुलिस की बर्बरता का आरोप, बीच सड़क महिला की पिटाई से मचा हंगामा

अहमदाबाद में पुलिस की बर्बरता का आरोप, बीच सड़क महिला की पिटाई से मचा हंगामा

अहमदाबाद , 20 दिसंबर 2025 ।  गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस पर बीच सड़क एक महिला की पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला किसी बात को लेकर पुलिस से बहस कर रही थी, जिसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिसकर्मियों ने सार्वजनिक स्थान पर उसके साथ मारपीट की।

अहमदाबाद में पुलिस अफसर ने एaक महिला को बीच सड़क पर पीट दिया। महिला की गलती इतनी थी कि उसके हाथ से पुलिस अधिकारी का आईडी कार्ड गिर गया था। इससे भड़के अफसर ने महिला को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उसकी आंख से खून निकलने लगा।

जब महिला इसकी शिकायत लेकर पालडी पुलिस स्टेशन पहुंची, तो स्टेशन इंचार्ज ने महिला को धमकाया। उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। हालांकि महिला देर रात तक पुलिस स्टेशन में बैठी रही और शिकायत दर्ज कराई।

महिला का नाम बंसारी ठक्कर है। वह शाम 6:30 बजे चौराहे से जा रही थी। इसी दौरान एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे रोका और उसका लाइसेंस मांगा। बंसारी ने उसे लाइसेंस दिखाया। इसके बाद जब बंसारी ने पुलिसकर्मी से किनारे हटने कहा तो वह भड़क गया।

वह बंसारी से ऊंची आवाज में बात करने लगा। उसने पुलिसकर्मी से इस व्यवहार पर पूछा- अगर आप पुलिस अधिकारी हैं, तो इस तरह क्यों बात कर रहे हैं। महिला ने उसका आईडी कार्ड मांगा।

अधिकारी ने उसे कार्ड दिखाया लेकिन लौटाते वक्त महिला के हाथ से गिर गया। इससे भड़के पुलिसकर्मी ने महिला का हाथ पकड़कर उसकी गाड़ी को लात मारी और कहा कि कार्ड उठाकर मुझे दो।

इस मामले के सामने आने के बाद मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस अगर इस तरह कानून हाथ में लेगी तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। महिला के साथ हुई कथित बर्बरता को लेकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

पुलिस प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और वीडियो के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि अगर किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटना एक बार फिर पुलिस जवाबदेही और नागरिक अधिकारों को लेकर गंभीर बहस को जन्म दे रही है।