अंबानी के वाइल्डलाइफ रेस्क्यू रिहैबिलिटेशन सेंटर 'वनतारा' की जांच होगी
नई दिल्ली,। 26 अगस्त 2025 ।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात के जामनगर में वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की जांच के लिए 4 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। इस सेंटर को रिलायंस फाउंडेशन चलाता है।
अदालत ने कहा कि SIT 12 सितंबर तक रिपोर्ट देगी। इसके बाद 15 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। इसके आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा।
SIT की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर करेंगे। टीम में जस्टिस राघवेंद्र चौहान (पूर्व चीफ जस्टिस, उत्तराखंड व तेलंगाना HC), पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले और कस्टम्स अधिकारी अनिश गुप्ता शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश 2 पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन (PIL) पर दिया। एक वकील सीआर जया सुकीन और दूसरी याचिका देव शर्मा ने जुलाई में कोल्हापुर के मंदिर से हाथी ‘माधुरी’ को वनतारा में ले जाने के विवाद के बाद दायर की थी। हथिनी को कई लोग महादेवी भी बुलाते हैं।
SIT 5 पॉइंट्स पर जांच करेगी
- भारत और विदेश से, विशेषकर हाथियों के अधिग्रहण में- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, चिड़ियाघरों के नियम, अंतरराष्ट्रीय प्रजाति व्यापार संधि (CITES), आयात-निर्यात कानूनों और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं का पालन हुआ या नहीं।
- पशुपालन मानकों, पशु-चिकित्सा देखभाल, पशु कल्याण, मृत्यु दर और उनके कारणों, जलवायु और स्थान संबंधी शिकायतों की।
- निजी संग्रह बनाने के आरोपों, प्रजनन और संरक्षण कार्यक्रमों, जैव विविधता संसाधनों के उपयोग, कानूनी उल्लंघनों, वन्यजीव तस्करी और पशु उत्पादों के व्यापार आदि मामले में।
- वित्तीय अनुपालन, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य संबंधित मुद्दों की शिकायतों की।
- इसके अलावा जरूरत के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं, अधिकारियों, नियामकों, हस्तक्षेपकर्ताओं और पत्रकारों से भी जानकारी ले सकेगी।
कोर्ट ने कहा कि SIT की जांच केवल सत्य और तथ्य जानने के लिए है, ताकि अदालत सही जानकारी के आधार पर फैसला ले सके। इस आदेश का मतलब यह नहीं कि वनतारा या कोई सरकारी संस्था गलत कर रही है।


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