अमेरिका की नई मानचित्र नीति: PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया
वॉशिंगटन , 07 फ़रवरी 2026 । अमेरिका ने एक प्रमुख कूटनीतिक संकेत देते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाने वाला मानचित्र जारी किया है। यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा भारत–यूएस के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा के साथ आया, जिसमें भारत का पूरा जम्मू & कश्मीर और अक्साई चिन स्पष्ट रूप से भारत के नक्शे में दिखाया गया। इससे पहले अमेरिकी नक्शों में अकसर PoK या अक्साई चिन को अलग या विवादित क्षेत्रों की तरह दर्शाया जाता था, लेकिन इस नए मानचित्र ने उन विवादित सीमाओं को नहीं दर्शाया।
भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घोषित किया। इस घोषणा के साथ अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने इंडियन मैप शेयर किया।
इस मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (चीन के कब्जे वाला इलाका) हैं, उन्हें भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
यह नक्शा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अमेरिका पहले के नक्शों में PoK को अलग से दिखाता था। अंतरराष्ट्रीय मंचों और पश्चिमी देशों के सरकारी नक्शों में भी विवादित हिस्सों को अलग रंग या 'डॉटेड लाइन्स' से दिखाया जाता है।
इस बार ट्रम्प प्रशासन ने जानबूझकर या अनजाने में एक ऐसा नक्शा शेयर किया जो भारत की सीमाओं को पूरी तरह मान्यता देता है। भारत हमेशा से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता आया है। इस कदम को विशेषज्ञ और कूटनीतिक विश्लेषक भारत के लिए एक मज़बूत समर्थन के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने अमेरिका–भारत व्यापार समझौते के आधिकारिक पोस्ट में PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा मानते हुए मानचित्र को साझा किया। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है, खासकर उन इलाकों को लेकर जिन पर पाकिस्तान और चीन का विवादित दावा है। हालाँकि इस मानचित्र को लेकर कोई अलग आधिकारिक बयान नहीं आया कि क्या अमेरिका ने अपनी नीतिगत स्थिति में भी बदलाव किया है, लेकिन यह मानचित्र राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है। कई विश्लेषक इसे भारत–अमेरिका संबंधों में बढ़ते सहयोग और भारत के भू-भागीय दावों का एक नाजुक समर्थन के रूप में पढ़ रहे हैं।


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