मनी-लॉन्ड्रिंग केस में ED के सामने पेश हुए अनिल अंबानी, पूछताछ तेज
मुंबई, 26 फ़रवरी 2026 । मनी-लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में उद्योगपति Anil Ambani प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने वित्तीय लेनदेन, कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर और फंड फ्लो से जुड़े कई सवालों पर उनसे विस्तृत पूछताछ की।
यह मामला कथित तौर पर संदिग्ध ट्रांजैक्शनों और धन के स्रोत को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। ED अधिकारियों ने बैंकिंग रिकॉर्ड, ईमेल कम्युनिकेशन और कंपनी से संबंधित दस्तावेजों की जांच के आधार पर बयान दर्ज किए। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी प्रकार से अवैध धन को वैध दिखाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
रिलायंस ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी आज 26 फरवरी को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। अंबानी सुबह करीब 11 बजे जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और फंड के डायवर्जन को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
मामला सरकारी बैंकों से उनकी कंपनियों को मिले लोन में कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। सीबीआई की 2019 की FIR के आधार पर ED इस मामले की जांच कर रही है। एक दिन पहले ही जांच एजेंसी ने मुंबई के उनके 17 मंजिला घर 'अबोड' को कुर्क कर दिया था।
जांच के दायरे में संबंधित कंपनियों के निदेशकों और वित्तीय सलाहकारों की भूमिका भी आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मनी-लॉन्ड्रिंग मामलों में डिजिटल ट्रेल और अकाउंटिंग रिकॉर्ड अहम साक्ष्य होते हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाती है।
अनिल अंबानी की ओर से पहले भी कहा गया है कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं और सभी आरोप निराधार हैं। फिलहाल ED की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा तलब किया जा सकता है।
यह मामला कॉर्पोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


RashtriyaPravakta