दिल्ली में ISI कनेक्शन वाला हथियार तस्करी नेटवर्क पकड़ा: सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी

दिल्ली में ISI कनेक्शन वाला हथियार तस्करी नेटवर्क पकड़ा: सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी

नई दिल्ली, 22  नवम्बर 2025 । दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर एक ISI कनेक्शन वाले हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कई महीनों से निगरानी में चल रहे इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब विशेष इनपुट के आधार पर राजधानी में छापा मारा गया। इस गिरोह के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारतीय शहरों में हथियार पहुंचाकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही थी।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार को ISI कनेक्शन वाले एक बड़े इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हाईटेक हथियार मंगवाकर लॉरेंस, गोगी जैसे गैंगस्टरों को सप्लाई करते थे।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, उन्हें इनपुट मिला था कि कुछ तस्कर दिल्ली में हथियार सप्लाई करने वाले हैं। इसके बाद रोहिणी एरिया में ट्रैप बिछाकर आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से तुर्की और चीन में बने 10 हाई-टेक पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए।

पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों की क्वालिटी और नेटवर्क का विस्तार देखकर साफ है कि यह एक संगठित और हाई-फंडेड तस्करी मॉड्यूल था।

पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए हथियार बहुत आधुनिक हैं और इनके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। इससे लग रहा है कि यह तस्करी का संगठित और हाई-फंडेड मॉड्यूल था।

हथियार पहले तुर्की-चीन से पाकिस्तान पहुंचाए जाते थे

पुलिस के मुताबिक यह रैकेट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। हथियार पहले तुर्की और चीन से पाकिस्तान पहुंचाए जाते, फिर वहां से ड्रोन के जरिए पंजाब में गिराए जाते थे। इसके बाद इन्हें यूपी और पंजाब के तस्करों की मदद से दिल्ली और आसपास के राज्यों तक भेजा जाता था और इसे लॉरेंस, बंबिहा, गोगी और हिमांशु भाऊ गैंग को पहुंचाया जाता था। नेटवर्क हवाला के जरिए पाकिस्तान पैसा भेजता था।

क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी

गिरफ्तार आरोपी पंजाब और यूपी के रहने वाले हैं। इनका नाम मनदीप, अजय, दलविंदर और रोहन है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि अब तक कितनी खेप भारत में भेजी जा चुकी है और किन गैंग्स तक हथियार पहुंचे। क्राइम ब्रांच मोबाइल लोकेशन, बैंक रिकॉर्ड और सोशल मीडिया लिंक के जरिए पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी कनेक्शन की जांच कर रही है।

दिल्ली में ISI-समर्थित इस हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश सुरक्षा एजेंसियों की फुर्ती, समन्वय और मजबूत खुफिया तंत्र का प्रमाण है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी और खुलासे होने की संभावना है, जो इस नेटवर्क की गहराई और प्रभाव को और उजागर करेंगे।