बांग्लादेशी प्रवासियों का बयान: “यूनुस पाकिस्तानी है, पाकिस्तान वापस जाओ”
ढाका ।27 सितम्बर 25 । बांग्लादेशी प्रवासियों ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र हेडक्वार्टर के बाहर मुख्य सलाहाकार मोहम्मद यूनुस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूनुस को पाकिस्तानी करार देते हुए 'यूनुस इज पाकिस्तानी' और 'गो बैक टू पाकिस्तान' जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारी बोले यूनुस बांग्लादेश को 'तालिबान जैसा देश' बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनुस इस्लाम-वादी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यूनुस पर अगस्त 5, 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूनुस के सत्ता में आने के बाद से मानवाधिकारों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। कई लोग देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
प्रदर्शनकारी बोले- हसीना सरकार को गैरकानूनी ढंग से हटाया
एक प्रदर्शनकारी ने ANI से कहा, "हम हिंदू, बौद्ध, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के खिलाफ हैं। हम हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग करते हैं, जिन्हें यूनुस ने गैरकानूनी ढंग से जेल में कैद कर रखा है।"
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शेख हसीना की सरकार को गैरकानूनी ढंग से हटाया गया। उनकी सरकार लोकतांत्रिक थी। यूनुस ने सत्ता हड़प ली और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए।
अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद हिंदू निशाना बने
5 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश में लंबे छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हुआ था। हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा। इसके साथ ही बांग्लादेश में हालात बिगड़ गए। पुलिस रातों-रात अंडरग्राउंड हो गई।
बेकाबू भीड़ के निशाने पर सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक, खासतौर पर हिंदू आए। बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां सांप्रदायिक हिंसा में 32 हिंदुओं की जान चली गई। रेप और महिलाओं से उत्पीड़न के 13 केस सामने आए। करीब 133 मंदिरों पर हमले हुए। ये घटनाएं 4 अगस्त 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच हुईं।


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