बंगाल SIR विवाद: कोलकाता में धरने पर बैठीं ममता बनर्जी, केंद्र पर साधा निशाना

बंगाल SIR विवाद: कोलकाता में धरने पर बैठीं ममता बनर्जी, केंद्र पर साधा निशाना

कोलकाता , 06 मार्च 2026 । पश्चिम बंगाल में SIR मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee इस मामले के विरोध में Kolkata में धरने पर बैठ गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है और राज्य के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को कोलकाता में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में धरना दे रही हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि वह कोलकाता में उन वोटरों को सबके सामने लाएंगी, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया है।

कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल में धरने मंच से उन्होंने कहा कि ऐसे कई लोग हैं जो जिंदा हैं, लेकिन SIR की फाइनल लिस्ट में उन्हें मृत दिखा दिया गया है। ममता के धरने में टीएमसी के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए हैं।

यह विरोध प्रदर्शन राज्य में चुनाव आयोग के पूरे दल के प्रस्तावित दौरे से दो दिन पहले हो रहा है। इसकी घोषणा तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को की थी।

यह विरोध इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चुनाव आयोग ने हाल ही में वोटर लिस्ट का नया संशोधित संस्करण जारी किया है, जिससे राज्य के वोटर्स की संख्या में बड़ा बदलाव हुआ है।

धरने के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के हितों के खिलाफ किसी भी कदम का विरोध किया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी धरना स्थल पर मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार अपनी बात मजबूती से रखेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस मुद्दे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। विपक्षी दल जहां राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे राज्य के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रहा है।

फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और प्रशासन की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाजी तथा विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।