बेंगलुरु में डॉक्टर ने पत्नी को एनेस्थीसिया देकर की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार — प्रेम, शक और पेशे का भयावह दुरुपयोग
बेंगलुरु , 16 अक्टूबर 2025 । बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर ने अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ने यह वारदात एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देकर अंजाम दी। पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और घटना ने पूरे मेडिकल समुदाय को हिला दिया है।
बेंगलुरु पुलिस ने 29 साल की डर्मेटोलॉजिस्ट की मौत के लगभग छह महीने बाद उसके पति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि विक्टोरिया अस्पताल के गैस्ट्रो-सर्जन 31 साल के डॉ. महेंद्र रेड्डी को पत्नी डॉ. कृतिका एम रेड्डी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।
कृतिका के पिता, के मुनिरेड्डी की शिकायत के आधार पर मराठाहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उनका कहना था कि विसरा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि बेटी को एनेस्थीसिया की दवा प्रोपोफोल का ओवरडोज दिया गया था, ताकि मौत को प्राकृतिक बताया जा सके।
घर पर कैनुला लगाया, 3 दिन तक ओवरडोज दिया
डॉक्टर दंपती बेंगलुरु के गुंजूर में रहते थे। 21 अप्रैल को कृतिका ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद महेंद्र ने दवाइयां इंजेक्ट करने के लिए उसके दाहिने पैर में एक कैनुला डाला। अगले दिन, काम पर जाने से पहले महेंद्र, कृतिका को उसके माता-पिता के घर छोड़ गया था।
अगले दिन कृतिका ने पैर में दर्द की शिकायत की और व्हाट्सएप पर महेंद्र से पूछा कि क्या वह कैनुला हटा सकती है। उसने मना कर दिया। साथ ही कहा कि एक और खुराक दर्द को वापस आने से रोक देगी। उसी रात कृतिका ने माता-पिता के साथ खाना खाकर कमरे में चली गई। फिर महेंद्र ने आखिरी डोज का इंजेक्शन लगाया।
24 अप्रैल को सुबह 7.30 बजे, महेंद्र ने अपनी सास को फोन करके बताया कि कृतिका कोई रिएक्शन नहीं दे रही है। उसके पिता आए और उसे बिना हिले-डुले पाया। वे उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पत्नी का पोस्टमार्टम देखना चाहता था आरोपी महेंद्र
कृतिका के परिवार ने दावा किया है कि महेंद्र ने मौत की जांच प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश भी की। वह पोस्टमॉर्टम रूम में घुस रहा था। लेकिन पुलिस ने उसे अंदर जाने से मना कर दिया। एक रिश्तेदार के मुताबिक उन्हें यह बेहद असामान्य लगा और हमने फोरेंसिक जांच और विश्लेषण पर जोर दिया।
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक महेंद्र अक्सर हत्या और अपराध पर आधारित टीवी सीरीज और फिल्में देखता था। इसके बाद, उसका व्यवहार बदल गया था।


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