विमेंस प्रीमियर लीग में बेंगलुरु का दोबारा दबदबा, दूसरी बार बनी चैंपियन

विमेंस प्रीमियर लीग में बेंगलुरु का दोबारा दबदबा, दूसरी बार बनी चैंपियन

नई दिल्ली,। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के रोमांचक सीजन में बेंगलुरु ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही, बल्कि टीम की निरंतरता, संतुलन और बड़े मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन की पहचान बन गई। फाइनल मुकाबले में बेंगलुरु ने हर विभाग में दमदार खेल दिखाया और विरोधी टीम को दबाव में रखते हुए मैच पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने दूसरी बार विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) जीत लिया है। टीम ने गुरुवार को दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 6 विकेट से हराया। बेंगलुरु 2024 में पहली बार चैंपियन बनी थी। जबकि दिल्ली लगातार चौथा फाइनल हारी है।

वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में बेंगलुरु ने 2 गेंद रहते ही 204 रन का टारगेट चेज कर लिया। यह WPL फाइनल का का सबसे बड़ा रन चेज है। कप्तान स्मृति मंधाना ने 87 रन की पारी खेली। जबकि जॉर्जिया वोल ने 79 रन बनाए। दोनों ने 92 बॉल पर 165 रन की साझेदारी की।

आखिरी ओवर में 10 रन चाहिए थे। राधा यादव और नदीन डी क्लर्क ने शुरुआती दो गेंद पर 2 सिंगल लिए। राधा ने तीसरी गेंद पर चौका लगाया। चौथी गेंद उन्होंने कवर्स की दिशा में खेली, लेकिन उनका बैट स्टंप से टकरा गया। गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई, लेकिन गिल्लियां नहीं गिरीं। इस तरह RCB ने दूसरा टाइटल जीत लिया।

फाइनल में बेंगलुरु की बल्लेबाजी मजबूत रही। ओपनिंग जोड़ी ने टीम को ठोस शुरुआत दिलाई और पावरप्ले में तेजी से रन जोड़कर विपक्ष पर दबाव बनाया। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने समझदारी से पारी को आगे बढ़ाया और जरूरत पड़ने पर आक्रामक रुख भी अपनाया। टीम ने निर्धारित 20 ओवर में प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया, जो अंततः निर्णायक साबित हुआ।

गेंदबाजी विभाग ने भी शानदार प्रदर्शन किया। नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ के साथ विकेट चटकाए गए, जबकि स्पिन गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में रन गति पर ब्रेक लगाया। डेथ ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी ने विपक्षी टीम की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। फील्डिंग में भी बेंगलुरु की चुस्ती-फुर्ती देखने लायक रही, जिसने मैच का रुख तय करने में अहम भूमिका निभाई।

कप्तान की रणनीति और टीम प्रबंधन का फैसला इस जीत में महत्वपूर्ण रहा। खिलाड़ियों के सही संयोजन और मैच की स्थिति के अनुसार फैसलों ने टीम को बढ़त दिलाई। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन ने बेंगलुरु को पूरे टूर्नामेंट में मजबूत बनाए रखा। इस जीत के साथ बेंगलुरु ने यह भी दिखाया कि महिला क्रिकेट में उनकी टीम लंबी रेस की खिलाड़ी है।

दूसरी बार WPL ट्रॉफी जीतकर बेंगलुरु ने इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और दर्शकों के उत्साह का भी प्रमाण है। आने वाले सीजन में टीम से और भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।