बिटकॉइन ₹1 करोड़ पार, दशक भर पहले दुनिया के लिए लगभग मूल्यहीन

बिटकॉइन ₹1 करोड़ पार, दशक भर पहले दुनिया के लिए लगभग मूल्यहीन

नई दिल्ली, 17 अगस्त, 2025. बिटकॉइन की कीमत पहली बार ₹1.08 करोड़ के पार पहुंच गई है। आज 14 अगस्त को इस क्रिप्टोकरेंसी ने ऑलटाइम हाई बनाया। 2009 में जब सतोशी नाकामोटो नाम के किसी व्यक्ति ने इसे बनाया था तब इसकी वैल्यू 0 के करीब थी। यानी, अगर उस समय आप बिटकॉइन में एक रुपए से भी कम का निवेश करते तो आज उसकी कीमत ₹1 करोड़ से ज्यादा होती।

बिटकॉइन की पहली बड़ी कीमत बढ़ोतरी अक्टूबर 2010 में हुई थी। जब एक बिटकॉइन की कीमत लंबे समय तक 0.10 डॉलर (करीब ₹8) के करीब स्थिर रहने के बाद ऊपर जाने लगी। साल के अंत तक ये 0.30 डालर तक पहुंच गई। वहीं 2013 तक इसकी कीमत 1000 डॉलर के पार पहुंच गई थी। आज के हिसाब से रुपए में ये कीमत ₹87 हजार के करीब होती है।

बिटकॉइन के हाई पर पहुंचने की क्या वजह हैं?

 आर्थिक, राजनीतिक और नियामक बदलावों​​ से​​​​​ ये ऑल-टाइम हाई पर है:

  • अमेरिकी नीति में बदलाव: राष्ट्रपति ट्रम्प ने क्रिप्टो अनुकूल नीतियां लागू की हैं। जैसे बैंकों पर क्रिप्टो कंपनियों के साथ काम पर लगी पाबंदी हटाना।
  • संस्थागत निवेश में बढ़ोतरी: बड़े संस्थागत निवेशकों ने बिटकॉइन ETFs में अरबों डॉलर का निवेश किया है, जिसने मांग को बढ़ाया।
  • क्रिप्टो मार्केट में बढ़ती स्वीकार्यता: लंदन और थाईलैंड जैसे बाजारों में भी क्रिप्टो ETF को स्वीकृति मिलने से इसकी स्वीकार्यता बढ़ी है।

बिटकॉइन क्या है और कैसे काम करता है?

 बिटकॉइन को डिजिटल दुनिया का “सोना” कहा जाता है। यह एक ऐसी डिजिटल करेंसी है जो बिना किसी बैंक या सरकार के नियंत्रण के काम करती है। यानी, ये डीसेंट्रलाइज है। किसी एक अथॉरिटी का इस पर कंट्रोल नहीं है।

बिटकॉइन कोई फिजिकल कॉइन या नोट नहीं है, बल्कि एक डिजिटल कोड है जो आपके डिजिटल वॉलेट में रहता है। जैसे आप व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं, उसी तरह बिटकॉइन को आप इंटरनेट के जरिए दुनिया में कहीं भी भेज सकते हैं। इनकी संख्या भी सीमित है।

बिटकॉइन ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करता है

  • यह ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करता है। कल्पना करें कि एक बहीखाता है, जिसमें दुनिया भर के बिटकॉइन लेनदेन लिखे जाते हैं। इस बहीखाते को ब्लॉकचेन कहते हैं और यह हजारों कंप्यूटरों पर एक साथ मौजूद होता है।
  • ब्लॉकचेन एक डिजिटल कॉपी की तरह है जो जानकारी, जैसे लेनदेन, को रिकॉर्ड करती है। इसे हर कोई देख सकता है, लेकिन कोई बदल या मिटा नहीं सकता। यह कई कंप्यूटरों पर साझा होती है, इसलिए यह सुरक्षित और भरोसेमंद है।
  • जब आप किसी को बिटकॉइन भेजते हैं, यह लेनदेन ब्लॉकचेन में दर्ज होता है। इसे जांचने और सुरक्षित करने का काम “माइनर्स” करते हैं, जो अपने कंप्यूटरों की ताकत से गणितीय समस्याएं हल करते हैं। बदले में, उन्हें नए बिटकॉइन मिलते हैं।
  • यह सिस्टम इसलिए खास है, क्योंकि इसमें कोई एक संस्था सारा नियंत्रण नहीं रखती। बैंक में आपके पैसे का हिसाब बैंक रखता है और अगर बैंक गलती करता है या दिवालिया हो जाता है, तो आपका पैसा खतरे में पड़ सकता है। लेकिन बिटकॉइन में, ब्लॉकचेन हर लेनदेन को पारदर्शी और सुरक्षित रखता है।