CAG रिपोर्ट में खुलासा — तमिलनाडु में दवा जांच में अनदेखी, बच्चों की मौतों की जड़
तमिलनाडु , 10 अक्टूबर 2025 । हाल ही में, Comptroller and Auditor General (CAG) की रिपोर्ट ने तमिलनाडु में दवा गुणवत्ता जांच में गंभीर कमियों का खुलासा किया है, जो हाल ही में मध्य प्रदेश में बच्चों की मौतों से जुड़ी एक बड़ी घटना से संबंधित है। यह रिपोर्ट बताती है कि राज्य में दवा निरीक्षणों और गुणवत्ता परीक्षणों में लगातार कमी रही है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हुआ है।
तमिलनाडु में बने कफ सिरप से एमपी-राजस्थान में बच्चों की मौत का मामला चर्चा में आने के बाद भारत के महालेखा परीक्षक (CAG) की 10 दिसंबर 2024 की तमिलनाडु के पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रचर एंड मैनेजमेंट ऑफ हेल्थ सर्विस से जुड़ी एक रिपोर्ट में सामने आई।
इसमें बताया गया है कि राज्य में ड्रग इंस्पेक्शन (टेस्टिंग) में कमी देखी गई थी। साथ ही ड्रग्स (दवा) सैंपल कलेक्शन में भी कमी की गई थी। तमिलनाडु में एक लाख सैंपल के टेस्टिंग का टारगेट था, लेकिन सिर्फ 66,331 टेस्ट ही किए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश-राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में CBI या ज्यूडिशियल जांच की मांग खारिज कर दी है। CJI बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने ब्रीफ सुनवाई के बाद ये फैसला किया।
विशाल तिवारी ने याचिका में मांग की थी कि ये लापरवाही की चरम सीमा है। इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। केंद्र की ओर से पेश सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध किया।
MP के छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के सेवन से अब तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल का मालिक रंगनाथन 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। उसे आज छिंदवाड़ा लाया जा रहा है। मामले में जांच SIT कर रही है।


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