CM पुष्कर सिंह धामी बोले– सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों का हो रहा विकास

CM पुष्कर सिंह धामी बोले– सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों का हो रहा विकास

उत्तराखंड , 28 फ़रवरी 2026 । Pushkar Singh Dhami ने कहा है कि राज्य में सनातन संस्कृति और प्रमुख आस्था केंद्रों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चंपावत दौरे पर पहुंचे. यहां उन्होंने माँ पूर्णागिरी धाम मेले का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम ने मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को विस्तार से जनता के सामने रखा. उन्होंने कहा कि धाम मेले में पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस दौरान सीएम ने धामी ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस पर भी हमला बोला. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है. वहीं कुछ लोग तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में लगे हैं. ऐसी सोच से प्रदेश का संतुलित विकास संभव नहीं है. मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप और अस्मिता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आज उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है. CM ने भविष्य में जरूरत पड़ी तो कठोर निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

उत्तराखंड में स्थित प्रमुख धामों और मंदिरों के आसपास आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। यात्री सुविधाओं, सड़क संपर्क, पार्किंग, स्वच्छता और डिजिटल प्रबंधन पर काम किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

चारधाम और तीर्थ विकास

राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्ग के विस्तार और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दे रही है।

  • तीर्थ मार्गों का चौड़ीकरण

  • आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था

  • स्वास्थ्य और आपात सेवाओं की उपलब्धता

  • पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर विकास

इन पहलों का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है।

सीएम धामी ने कहा कि केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि लोक परंपराओं, मंदिर स्थापत्य और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय कारीगरों और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

धार्मिक पर्यटन में वृद्धि से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को लाभ मिल रहा है। सरकार का मानना है कि आस्था केंद्रों का विकास राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।