वोडाफोन-आइडिया को कैबिनेट से बड़ी राहत: टेलीकॉम सेक्टर में स्थिरता और कंपनी को संजीवनी

वोडाफोन-आइडिया को कैबिनेट से बड़ी राहत: टेलीकॉम सेक्टर में स्थिरता और कंपनी को संजीवनी

नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025 । टेलीकॉम सेक्टर की संकटग्रस्त कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vi) को केंद्र सरकार की कैबिनेट से बड़ी राहत मिली है। इस फैसले को कंपनी के भविष्य, लाखों उपभोक्ताओं की सेवा निरंतरता और पूरे टेलीकॉम इकोसिस्टम की स्थिरता के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय से वित्तीय दबाव, कर्ज और एजीआर (AGR) देनदारियों से जूझ रही वोडाफोन-आइडिया के लिए यह कदम एक तरह की संजीवनी साबित हो सकता है।

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार (31 दिसंबर) को कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vi) के लिए एक बड़े राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के इस फैसले के तहत कंपनी के ₹87,695 करोड़ के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए को फिलहाल 'फ्रीज' कर दिया गया है।

इसका मतलब है कि कंपनी को अब यह भारी-भरकम राशि तुरंत नहीं चुकानी होगी। सरकारी न्यूज एजेंसी ANI और PTI के सूत्रों के मुताबिक, यह भुगतान अब वित्त वर्ष 2032 से 2041 के बीच 10 साल की विंडो में करना होगा।

खबर के बाद कंपनी का शेयर आज 11.5% गिरा

इस खबर के बाद कंपनी का शेयर आज 11.5% गिरकर 10.67 रुपए पर बंद हुआ। 1 महीने में कंपनी का शेयर 7% और छह महीने में 43% चढ़ा है। वहीं एक साल में इसने निवेशकों को 34% रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.17 लाख करोड़ रुपए है।

इस राहत से वोडाफोन-आइडिया को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने, नेटवर्क विस्तार पर ध्यान देने और 5G जैसी नई तकनीकों की तैयारी करने का मौका मिलेगा। कंपनी पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि अगर नीतिगत समर्थन मिलता है, तो वह निवेश बढ़ाने और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में तेजी से कदम उठा सकती है। इससे कर्मचारियों, निवेशकों और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है।

टेलीकॉम विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। सरकार का यह रुख दिखाता है कि वह टेलीकॉम को एक रणनीतिक क्षेत्र मानती है, जो डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस और आर्थिक विकास की रीढ़ है। मजबूत और संतुलित टेलीकॉम सेक्टर के बिना डिजिटल अर्थव्यवस्था की कल्पना अधूरी मानी जाती है।

कुल मिलाकर, कैबिनेट से मिली यह बड़ी राहत वोडाफोन-आइडिया के लिए नई शुरुआत का रास्ता खोल सकती है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी इस अवसर का किस तरह उपयोग करती है और क्या वह खुद को फिर से मजबूत, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बना पाती है।