चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर लगेगा शुल्क, 19 अप्रैल से शुरू होगी तीर्थयात्रा
देहरादून, 17 फ़रवरी 2026 । उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चार धाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है, और इस बार पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क भी लिया जाएगा।
चार धाम यात्रा में प्रमुख रूप से केदारनाथ मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर, गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर शामिल हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसको लेकर तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। चार धाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। इसके बाद 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। इसके साथ ही चार धाम यात्रा फुल फ्लेज्ड शुरू हो जाएगी। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क लगेगा।
चारधम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कितना शुल्क लगेगा, इसका शीघ्र ही निर्धारण हो जाएगा। इसके लिए गढ़वाल के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया है। चार धाम यात्रा के लिए अगले एक से दो दिनों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। दरअसल, चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में सोमवार को समीक्षा बैठक हुई। इसमें कई निर्णय लिए गए।
क्यों लगाया गया शुल्क?
प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क का उद्देश्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना, भीड़ प्रबंधन को नियंत्रित करना और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डिजिटल पंजीकरण से यात्रियों की संख्या का पूर्वानुमान लगाना आसान होता है, जिससे मार्ग, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवास और आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत की जा सकती हैं।
रजिस्ट्रेशन से जुड़े मुख्य बिंदु
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यात्रा से पहले ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
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निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान
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यात्रा तिथि और धाम का चयन
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ई-पास या पंजीकरण स्लिप साथ रखना जरूरी
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और यात्रा के दौरान मौसम, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें।
चार धाम यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। हर वर्ष यह यात्रा राज्य के पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को बड़ा प्रोत्साहन देती है।


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