चीन ने दिखाई लंबी दूरी की मिसाइलें, अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता का दावा
बीजिंग ,03 सितंबर, चीन ने अपने सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के तहत एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचा है। हाल ही में आयोजित सैन्य परेड और रक्षा प्रदर्शनी में चीन ने ऐसी मिसाइलों का प्रदर्शन किया जिनकी मारक क्षमता सीधे अमेरिकी महाद्वीप तक पहुंचने की बताई जा रही है। इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने पर चीन में बुधवार को विक्ट्री डे परेड मनाया गया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राजधानी बीजिंग के थियानमेन चौक पर परेड की सलामी ली। जिनपिंग के भाषण के बाद सैन्य परेड निकाली गई।
जिनपिंग ने कहा कि चीन किसी की धमकियों से नहीं डरता और हमेशा आगे बढ़ता रहता है। उन्होंने लोगों से इतिहास याद रखने और जापान के खिलाफ लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देने की अपील की।
BBC ने बताया कि परेड में हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, YJ-21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और JL-3 पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शामिल थी।
वहीं DF-5C न्यूक्लियर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का एडवांस वर्जन 6F भी दिखाया गया। यह मिसाइल अमेरिका तक मार सकती है।
यह चीन की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड है। परेड से पहले शी जिनपिंग के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन समेत दुनिया के 25 देशों के नेता मंच पर दिखाई दिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजिंग इस परेड के जरिए यह साबित किया कि वह अमेरिका का विकल्प है और दुनिया में गैर-पश्चिमी देशों का नेतृत्व करने की ताकत रखता है।
भारत के पड़ोस से पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू परेड में मौजूद रहे।


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