पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष में दावा– 300 की मौत, 500 घायल

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष में दावा– 300 की मौत, 500 घायल

काबुल/इस्लामाबाद, 28 फ़रवरी 2026 । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सीमा क्षेत्रों में हुई भीषण झड़पों में करीब 300 लोगों की मौत और 500 से अधिक के घायल होने की बात कही जा रही है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक स्पष्ट रूप से नहीं हो पाई है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों मारे गए हैं, जबकि 500 से ज्यादा घायल हुए। दोनों देश आगे भी एक दूसरे को सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अमेरिका दखल देगा? इस पर उन्होंने कहा कि मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

वहीं पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में एयरस्ट्राइक की।

दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और सुरक्षा मुद्दों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। हालिया संघर्ष में भारी हथियारों और एयरस्ट्राइक जैसे हमलों की भी चर्चा है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन ने कई क्षेत्रों में आपात स्थिति लागू कर दी है।

संघर्ष का सबसे अधिक प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ा है। सीमावर्ती गांवों से लोगों का पलायन शुरू हो गया है। अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी बताए जा रहे हैं।

राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रिया

दोनों देशों की सरकारों की ओर से एक-दूसरे पर संघर्ष भड़काने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द काबू में नहीं आए, तो यह तनाव व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है।

स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के आधिकारिक बयान और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की भूमिका अहम हो सकती है। फिलहाल सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।