क्या पाकिस्तान सुपर-8 की रेस से बाहर हो सकता है? समीकरण, नेट रन रेट और दबाव की परीक्षा
नई दिल्ली, पाकिस्तान की टीम के लिए सुपर-8 में जगह बनाना पूरी तरह असंभव नहीं, लेकिन रास्ता कठिन जरूर हो सकता है। टी-20 जैसे छोटे प्रारूप में एक हार पूरे ग्रुप समीकरण बदल देती है, इसलिए अब गणित के साथ-साथ प्रदर्शन भी निर्णायक होगा।
अंक तालिका का गणित
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आमतौर पर 4 टीमों के ग्रुप में 2 टीमें आगे बढ़ती हैं।
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2 जीत (4 अंक) अक्सर क्वालिफाई के लिए पर्याप्त मानी जाती हैं, लेकिन टाई की स्थिति में नेट रन रेट (NRR) फैसला करता है।
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यदि पाकिस्तान 3 मैचों में सिर्फ 1 जीत दर्ज करता है, तो उसे बाकी मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे और अन्य मुकाबलों के परिणाम उसके पक्ष में जाने होंगे।
टी-20 वर्ल्ड कप में रविवार को भारत ने पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज मैच हराकर सुपर-8 में एंट्री कर ली। अब पाकिस्तान को क्वालिफाई करने के लिए नामीबिया के खिलाफ आखिरी मैच जीतना ही होगा। अगर टीम हार गई तो ग्रुप-ए से भारत के साथ अमेरिका सुपर-8 में पहुंच जाएगा। वहीं पाकिस्तान का सफर खत्म हो जाएगा।
टूर्नामेंट में आज श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला शाम 7 बजे से खेला जाएगा। कंगारू टीम यहां अगर हार गई तो उनका सुपर-8 में पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ एक मैच हार चुकी है।
क्या बाहर हो सकता है?
हाँ—यदि पाकिस्तान अपने शेष मैच नहीं जीतता या NRR काफी गिर जाता है, तो सुपर-8 से बाहर होना संभव है। लेकिन अगर टीम लगातार दो प्रभावशाली जीत दर्ज कर लेती है, तो समीकरण पलट भी सकते हैं।
टी-20 क्रिकेट में “अब या कभी नहीं” की स्थिति अक्सर चमत्कार भी दिखाती है और निराशा भी। पाकिस्तान की किस्मत अब उसके प्रदर्शन, NRR और अन्य मैचों के परिणामों के संतुलन पर निर्भर करेगी।


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