चार्टर्ड प्लेन ऑपरेटर्स पर सख्ती: नए नियमों से बढ़ेगी निगरानी और जवाबदेही

चार्टर्ड प्लेन ऑपरेटर्स पर सख्ती: नए नियमों से बढ़ेगी निगरानी और जवाबदेही

नई दिल्ली, 25 फ़रवरी 2026 । देश में चार्टर्ड विमानों के संचालन को लेकर नियमों को सख्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों और हालिया घटनाओं के मद्देनज़र नियामक एजेंसियों ने चार्टर्ड प्लेन ऑपरेटर्स के लिए अनुपालन, सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े प्रावधानों को कड़ा किया है।

एविएशन पर नजर रखने वाली संस्था DGCA ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर (चार्टेड प्लेन, एयर एंबुलेंस) के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब ऑपरेटर्स को अपनी वेबसाइट पर प्लेन की मेंटेनेंस हिस्ट्री को सार्वजनिक करना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि विमान कितना पुराना है।

दरअसल झारखंड में एक चार्टेड प्लेन के क्रैश होने के बाद DGCA ने मंगलवार को ऐसे सभी ऑपरेटरों के साथ एक मीटिंग की। इसमें ऑपरेटर्स को उनके सेफ्टी रिकॉर्ड के आधार पर रैंक करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि यह रैंकिंग DGCA की वेबसाइट पर डाली जाएगी।

DGCA ने यह फैसला पिछले एक महीने में नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर से संचालित दो चार्टेड विमानों के क्रैश होने के बाद लिया है।

नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर वे कंपनियां हैं जो नियमित टाइम-टेबल वाली कमर्शियल फ्लाइट नहीं चलाती, बल्कि जरूरत या बुकिंग के आधार पर उड़ान भरती हैं।

चार्टर्ड विमान सेवाएं मुख्य रूप से कॉरपोरेट, वीआईपी मूवमेंट, मेडिकल इमरजेंसी और विशेष उड़ानों के लिए उपयोग की जाती हैं। लेकिन हाल के वर्षों में इन सेवाओं के दायरे और आवृत्ति में वृद्धि हुई है, जिससे निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई।

किन बिंदुओं पर सख्ती?

1. सुरक्षा मानकों का कड़ा पालन
नए नियमों के तहत विमान रखरखाव (Maintenance), पायलट लॉगबुक, क्रू ट्रेनिंग और एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेशन की नियमित जांच अनिवार्य होगी।

2. ऑपरेशनल पारदर्शिता
फ्लाइट प्लान, यात्रियों का विवरण और उड़ान का उद्देश्य पहले से दर्ज करना होगा। संदिग्ध या नियम-विरुद्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

3. लाइसेंस और ऑडिट प्रक्रिया
ऑपरेटर्स के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कड़े ऑडिट और अनुपालन रिपोर्ट जरूरी होंगी। बार-बार उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस निलंबन या रद्द करने का प्रावधान है।

4. वित्तीय और कानूनी जवाबदेही
चार्टर्ड सेवाओं के किराये, कर अनुपालन और अनुबंध शर्तों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से सुरक्षा मानकों में सुधार होगा और चार्टर्ड एविएशन सेक्टर में अनुशासन बढ़ेगा।

हालांकि, उद्योग से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों का कहना है कि अत्यधिक सख्ती से परिचालन लागत बढ़ सकती है। लेकिन सरकार का तर्क है कि सुरक्षा और पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जा सकता।

कुल मिलाकर, नए नियम चार्टर्ड प्लेन ऑपरेटर्स को अधिक जवाबदेह बनाने और हवाई सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं।