DGCA ने एयर इंडिया के एयरबस फ्लीट में महत्वपूर्ण सुरक्षा चूक पर चेतावनी जारी की है:

DGCA ने एयर इंडिया के एयरबस फ्लीट में महत्वपूर्ण सुरक्षा चूक पर चेतावनी जारी की है:

नई दिल्ली । 20 जून 25। इंडियन एविएशन रेगुलेटर ने एअर इंडिया को 3 एयरबस प्लेन (AIR.PA) को जांचे बिना उड़ाने पर चेतावनी दी है। क्योंकि जांच में इन प्लेन में खराबी की बात सामने आई है।

सरकारी डॉक्यूमेंट्स से मुताबिक, इन विमानों को इमरजेंसी इक्विपमेंट की जांच पेंडिंग होने के बावजूद उड़ाया गया। एयरलाइन ने इन दिक्कतों को दूर करने में भी देरी की।

रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, वॉर्निंग नोटिस और जांच रिपोर्ट अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ी नहीं है। दोनों इस घटना से कुछ दिन पहले ही एयरलाइन को भेजे गए थे।

DGCA के कहा- मई में एअर इंडिया के 3 एयरबस विमानों की जांच की गई। इसमें पाया गया कि जरूरी इमरजेंसी इक्विपमेंट इंस्पेक्शन की देरी के बाद भी उन्हें उड़ाया जा रहा था।

भारत सरकार में उड़ान योग्यता के डिप्टी डायरेक्टर अनिमेश गर्ग ने जांच रिपोर्ट एअर इंडिया के CEO कैम्पबेल विल्सन, एयरलाइन के फ्लाइट एबिलिटी मैनेजमेंट, क्वालिटी मैनेजर और प्लानिंग चीफ को भेजी।

DCGA की रिपोर्ट में क्या कहा गया...

DCGA ने कहा- विमानों को ऐसे इमरजेंसी इक्विपमेंट के साथ ऑपरेट किया जो खत्म हो चुके थे या अन वेरिफाई थे। ये स्टैंडर्ड फ्लाइट एबिलिटी और सिक्योरिटी रिक्वायरमेंट का का उल्लंघन है।

एअर इंडिया ने DCGA की उठाई कमियों पर समय पर रिस्पॉन्स नहीं किया। ​​​​​​जिन प्लेन की ​जरूरी जांच नहीं हुई है उनके फ्लाई सर्टिफिकेट सस्पेंड माने जाएंगे।

DCGA ने कहा कि मामला तब सामने आया जब एअर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज के एक इंजीनियर ने अनुपस्थिति बनाए रखने के दौरान अनजाने में एक एस्केप स्लाइड तैनात कर दी थी।

वहीं, एयर इंडिया का कहना है कि वो एस्केप स्लाइड्स की तारीखों सहित सभी रखरखाव रिकॉर्डों के वेरिफिकेशन में तेजी आ रही है। आने वाले दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर लेगी।

रिपोर्ट पर क्या है एक्सपर्ट का कहना

सरकार के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो के पूर्व कानूनी विशेषज्ञ विभूति सिंह ने कहा कि एस्केप स्लाइड्स की जांच एक बहुत गंभीर मुद्दा है। दुर्घटना की स्थिति में यदि वे नहीं खुलती हैं तो विमान सवारों को गंभीर चोट लग सकती हैं।

इंडियन एविएशन वकील के मुताबिक इस तरह के उल्लंघनों के लिए आमतौर पर व्यक्तिगत अधिकारियों और एयरलाइन दोनों पर मॉनेटरी और सिविल पेनल्टी लगाई जाती हैं।