दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: क्रिकेट सट्टेबाजी से कमाया हर मुनाफा अपराध माना जाएगा
नई दिल्ली, 27 नवम्बर 2025 । दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेट सट्टेबाजी को लेकर एक ऐतिहासिक और सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि क्रिकेट बेटिंग से कमाया गया हर रूपया ‘अवैध मुनाफा’ है, क्योंकि यह गतिविधि भारत में कानूनन प्रतिबंधित है। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चाहे कमाई छोटी हो या बड़ी, चाहे वह व्यक्तिगत स्तर पर की गई हो या संगठित नेटवर्क के जरिए—सट्टेबाजी के माध्यम से प्राप्त किसी भी आय को अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट से जुड़ी 6 याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि नेटवर्क अपराध पर खड़ा था। इसलिए इससे कमाया हर मुनाफा अपराध है।
दरअसल, क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े मुकेश कुमार, उमेश चौटालिया, नरेश बंसल, घनश्याम भाई पटेल और अन्य ने याचिका लगाई थी। कहा था- ईडी के जारी अस्थायी अटैचमेंट और नोटिस रद्द किए जाएं। क्रिकेट सट्टेबाजी PMLA में अपराध नहीं है। उनकी संपत्ति गैर-कानूनी आय नहीं मान सकते।
PMLA अथॉरिटी में एक सदस्य का आदेश भी मान्य
कोर्ट ने कहा कि ईडी की कार्रवाई ठोस सबूतों पर थी। पूरा रैकेट धोखाधड़ी और अवैध नेटवर्क पर आधारित था। इसीलिए संपत्ति अटैच करना और नोटिस जारी करना सही माना गया। कोर्ट ने साफ कहा कि PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी एक सदस्य के साथ भी वैध है।
ईडी की अटैचमेंट की जांच करने वाली इस अथॉरिटी को सुनवाई या आदेश के लिए तीन सदस्यों के पूर्ण पैनल की जरूरत नहीं। एक सदस्य है तो वह भी नोटिस, सुनवाई और आदेश पारित कर सकता है।
नोटिस भेजने के लिए पहले संपत्ति जब्त होना जरूरी नहीं। नोटिस देना सुनवाई शुरू करने का पहला कदम है। संपत्ति की अटैचमेंट अलग कदम है। नोटिस तब भी जारी हो सकता है, जब अटैचमेंट न हुई हो। अटैचमेंट तब भी हो सकती है जब नोटिस बाद में आए।


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