दिल्ली ब्लास्ट केस: डॉक्टरों द्वारा ‘अंसार अंतरिम’ संगठन बनाए जाने का खुलासा
नई दिल्ली, 16 फ़रवरी 2026 । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट मामले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस साजिश से जुड़े कुछ आरोपियों ने ‘अंसार अंतरिम’ नामक एक संगठन का गठन किया था, जिसमें कथित तौर पर चिकित्सा पेशे से जुड़े कुछ लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस संगठन की संरचना, उद्देश्य और संभावित नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में ‘वाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि कई डॉक्टरों ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ‘अंसार अंतरिम’ नाम का आतंकी संगठन बनाया था। पुलिस ने इस मामले में कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इन आरोपियों ने 2016 में कट्टरपंथी विचारधारा को अपनाया था। मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) जांच कर रही है। दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के लिए एक कार में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी। कार में धमाका करने वाला डॉ. उमर नबी था।
इसकी जांच के दौरान ही हरियाणा की अल फलाह यूनिवर्सिटी से कई डॉक्टरों को पकड़ा गया था। तभी इसे वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल नाम दिया गया था।
डॉक्टरों की भूमिका पर सवाल
जांच एजेंसियों का कहना है कि कुछ आरोपी पेशे से डॉक्टर हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। स्वास्थ्य सेवा जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े लोगों का किसी आपराधिक या आतंकी गतिविधि में शामिल होना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। संबंधित मेडिकल संस्थानों ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री जब्त की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक स्थानीय साजिश नहीं, बल्कि व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा कर सकता है।
पिछले साल अक्टूबर में नेटवर्क का पता चला
अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क का पता सबसे पहले बीते साल 19 अक्टूबर को चला था। श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम के बनपोरा में दीवारों पर जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे थे।
श्रीनगर पुलिस केस दर्ज किया और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरिफ निसार डार, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार को गिरफ्तार किया था। इन सभी पर पहले भी पत्थरबाजी के केस दर्ज थे।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में ‘अंसार अंतरिम’ संगठन का नाम सामने आना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। आने वाले दिनों में विस्तृत जांच रिपोर्ट से पूरे नेटवर्क और साजिश की गहराई स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और राजधानी में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।


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