प्रतीक यादव की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, सपा विधायक ने हाईकोर्ट के जज से जांच की मांग; बोले- “यह सामान्य मौत नहीं”

प्रतीक यादव की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, सपा विधायक ने हाईकोर्ट के जज से जांच की मांग; बोले- “यह सामान्य मौत नहीं”

लखनऊ, 13 मई 2026 ।  प्रतीक यादव की मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं। मामले ने अब नया मोड़ तब ले लिया जब समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने इस पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के मौजूदा या रिटायर्ड जज से कराने की मांग उठाई। विधायक ने साफ कहा कि “यह सामान्य मौत नहीं लगती” और मामले की निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

लखनऊ (मध्य) सीट से सपा के विधायक मेहरोत्रा ने कहा कि उच्च न्यायालय के किसी पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में इसकी जांच होनी चाहिए, क्योंकि डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल आने से पहले उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि मैंने डॉक्टर से पूछा कि पोस्टमार्टम क्यों हो रहा है तो उन्होंने कहा कि यह सामान्य मौत नहीं है। संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हुई है। अस्पताल में आने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो चुकी थी। उन्हें अस्पताल लाने में देर हुई है इसलिए हम लोग यह मांग करते हैं कि प्रतीक यादव जी की मौत की जांच कराई जाए। मेहरोत्रा ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रतीक के बड़े भाई हैं और वह जो निर्णय लेंगे, उस हिसाब से कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल हम लोग यही मांग करते हैं कि इस घटना की जांच हो।

प्रतीक यादव की मौत की खबर सामने आने के बाद से ही कई तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं। परिवार, समर्थकों और राजनीतिक दलों की ओर से घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच सपा विधायक के बयान ने इस मामले को और अधिक राजनीतिक संवेदनशील बना दिया है।

विधायक का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो लोगों के मन में संदेह बना रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण तथ्यों को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और जांच एजेंसियों को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जांच होने से सच्चाई सामने आ सकेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। विपक्ष सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच प्रक्रिया जारी होने की बात कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लगातार बहस चल रही है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मौत के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

इस बीच समर्थकों और स्थानीय लोगों में भी भावनात्मक माहौल बना हुआ है। कई संगठनों ने मामले में पारदर्शिता और जल्द खुलासे की मांग की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और बड़ा विषय बन सकता है।