ED ने 9 महीनों में ₹32,000 करोड़ की संपत्ति अटैच की, जांच एजेंसी की कार्रवाई तेज
नई दिल्ली, 21 फ़रवरी 2026 । देश में आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए Enforcement Directorate (ED) ने पिछले 9 महीनों में लगभग ₹32,000 करोड़ की संपत्ति अटैच (अस्थायी रूप से जब्त) की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, बैंक फ्रॉड, शेल कंपनियों और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों में की गई।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में ही 32,500 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। मोदी सरकार के दस साल का रिकॉर्ड देखें तो अटैच की गई जमीन-जायदाद में 8 गुना से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है।
इस साल सबसे बड़ी गाज अनिल अंबानी समूह पर गिरी है, जिसकी 5600 करोड़ रु की संपत्ति अटैच हुई है। इसके अलावा क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में 4190 करोड़ रु., पर्ल ग्रुप पोंजी के 3436 करोड़ रु. और यूनाइटेड रियल एस्टेट के 1000 करोड़ रु. की संपत्तियां भी दायरे में आई हैं।
पिछले साल की तुलना में इस बार 141% अधिक संपत्ति अटैच की गई है। एजेंसी कुल मिलाकर अब तक 1.55 लाख करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है, जो एक साल के गृह मंत्रालय के बजट के बराबर है। इसमें बैंक खाते, एफडी, शेयर, वाहन, लग्जरी आइटम, कॉर्पोरेट प्रॉपर्टी और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो शामिल हैं।
किन मामलों में हुई कार्रवाई?
ED मुख्य रूप से PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत जांच करती है। हालिया कार्रवाई में—
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बड़े बैंक घोटाले
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रियल एस्टेट निवेश घोटाले
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फर्जी कंपनियों के जरिए धन शोधन
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अंतरराष्ट्रीय हवाला ट्रांजेक्शन
शामिल बताए जा रहे हैं।
पीएमएलए की आरंभिक जांच के बाद संपत्ति जब्त की गईं और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर कोर्ट में अटैचमेंट सही भी पाए गए। पर, बड़ी बाधा अदालती प्रक्रिया लगातार खिंचते जाने की है और मामले पर फैसला आने तक संपत्ति फ्रोजन हालत में रहती है।
₹32,000 करोड़ की संपत्ति अटैच होना यह दर्शाता है कि वित्तीय अपराधों की जांच का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़े हैं। हालांकि, अंतिम दोषसिद्धि (conviction) और अदालतों में मामलों के निपटारे पर ही असली प्रभाव का आकलन होगा।
ED की हालिया कार्रवाई आर्थिक अपराधों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है। लेकिन पारदर्शिता, निष्पक्षता और न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती भी उतनी ही महत्वपूर्ण रहेगी, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो और दोषियों को सजा मिल सके।


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