काशी से शिक्षा का शंखनाद: CM योगी ने ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत कर हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य रखा

काशी से शिक्षा का शंखनाद: CM योगी ने ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत कर हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य रखा

वाराणसी ,  04 अप्रैल 2026 । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Varanasi (काशी) से ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में शिक्षा के प्रति जागरूकता का बड़ा संदेश दिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है।

इस अवसर पर उन्होने कहा कि शिक्षा केवल प्रमाणपत्र या डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संस्कार, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि‘ऑपरेशन काया कल्प'के तहत प्रदेश के एक लाख 36 हजार से अधिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। वहीं‘ऑपरेशन निपुण'के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है।

इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा ही एक सशक्त समाज और विकसित राज्य की नींव है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, चाहे वह किसी भी सामाजिक या आर्थिक वर्ग से आता हो।

अभियान के तहत स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, बच्चों को नियमित रूप से स्कूल लाने और अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों, प्रशासन और स्थानीय समुदाय को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

Varanasi से शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की योजना है। मिड-डे मील, यूनिफॉर्म, किताबें और डिजिटल शिक्षा जैसे पहलुओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

सरकार विशेष रूप से गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां शिक्षा तक पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है। अभियान के माध्यम से घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया यह ‘स्कूल चलो अभियान’ शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, जो प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।