फास्टैग से पार्किंग से लेकर पेट्रोल तक होगा पेमेंट, डिजिटल भुगतान को मिलेगा बड़ा विस्तार

फास्टैग से पार्किंग से लेकर पेट्रोल तक होगा पेमेंट, डिजिटल भुगतान को मिलेगा बड़ा विस्तार

नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025 । अब फास्टैग केवल टोल टैक्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उपयोग पार्किंग शुल्क से लेकर पेट्रोल पंप पर भुगतान तक किया जा सकेगा। सरकार और संबंधित एजेंसियां फास्टैग को एक मल्टी-यूटिलिटी डिजिटल पेमेंट सिस्टम के रूप में विकसित कर रही हैं, जिससे वाहन चालकों को अलग-अलग जगहों पर भुगतान के लिए कैश या कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय फास्टैग को मल्टीपर्पस बनाने की तैयारी में है। इसके तहत अब पार्किंग से लेकर पेट्रोल तक का पेमेंट फास्टैग से कर सकेंगे।

इसके लिए छह महीने से जारी ट्रायल सफल रहा है। इसका उद्देश्य है कि फास्टैग का उपयोग सिर्फ टोल भुगतान तक सीमित न रहे, बल्कि यात्रा के दौरान सड़क से इतर मिलने वाली सुविधाओं के भुगतान में भी हो।

अधिकारियों ने कहा- इससे डिजिटल फ्रॉड की आशंका कम होगी। यूजर फास्टैग को वॉलेट की तरह इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे धोखाधड़ी की स्थिति में नुकसान कम हो।

किन सुविधाओं के लिए होगा इस्तेमाल

इस बदलाव को लेकर फिनटेक कंपनियां, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स, बैंक और टोल ऑपरेटर्स की बैठक हो चुकी है। इसमें इन चीजों के लिए सहमति बनी-

  • टोल
  • पेट्रोल पंप
  • ईवी चार्जिंग
  • फूड आउटलेट
  • वाहन मेंटेनेंस
  • सिटी एंट्री चार्ज
  • यात्रा के दौरान अन्य सुविधाओं का भुगतान

विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से ट्रांसपोर्ट और मोबिलिटी सेक्टर में बड़ा बदलाव आएगा। एक ही प्लेटफॉर्म से कई सेवाओं का भुगतान होने से सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा और फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी। साथ ही, इससे डेटा आधारित ट्रैफिक और पार्किंग मैनेजमेंट में भी मदद मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य फास्टैग को एक नेशनल मोबिलिटी पेमेंट सिस्टम के रूप में स्थापित करना है, जिससे देशभर में वाहनों से जुड़े सभी भुगतान आसान और एकीकृत हो सकें। आने वाले समय में इसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, ऑटोमैटिक टोल और अन्य परिवहन सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।

कुल मिलाकर, फास्टैग का यह नया रूप वाहन चालकों के लिए सुविधा, समय की बचत और कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।