जम्मू-कश्मीर में AAP विधायक की गिरफ्तारी पर पिता का बयान: “मेरा बेटा निर्दोष”

जम्मू-कश्मीर में AAP विधायक की गिरफ्तारी पर पिता का बयान: “मेरा बेटा निर्दोष”

जम्मू-कश्मीर, । 09 सितम्बर 2025 । जम्मू-कश्मीर के डोडा से AAP विधायक मेहराज मलिक के पिता शमस मलिक ने बुधवार को कहा, 'भाजपा का काम केवल लोगों को दबाना है। जहां-जहां उनकी सत्ता है, वहां नागरिकों को चुप करा दिया जाता है, जम्मू-कश्मीर भी इससे अलग नहीं है। मेरे बेटे मेहराज मलिक को बेगुनाह होने के बावजूद निशाना बनाकर जेल भेजा गया।'

उन्होंने कहा- बेटे की गिरफ्तारी की वैधता का फैसला अब अदालत करेगी। तब तक जम्मू-कश्मीर के लोग शांति बनाए रखें। लोकतांत्रिक तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराएं। इधर, डोडा में तनाव की स्थिति को देखते हुए BNSS की धारा 163 लागू की गई। जो अगले आदेश तक लागू रहेगी।

दरअसल, AAP की जम्मू-कश्मीर यूनिट के अध्यक्ष मेहराज मलिक को 8 सितंबर को कलेक्टर (DC) से अभद्र व्यवहार करने, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। फिलहाल वे कठुआ जिला जेल में बंद हैं।

AAP सांसद संजय सिंह बोले- सड़क से संसद तक आवाज उठाएंगे

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा- पार्टी विधायक मेहराज मलिक की PSA के तहत गिरफ्तारी असंवैधानिक है। वे क्षेत्र में पार्टी नेताओं से मिलेंगे और अगले कदमों की समीक्षा करेंगे। पार्टी इस मुद्दे को सड़क से संसद तक और संभवतः सुप्रीम कोर्ट में भी उठाएगी।

CM अब्दुल्ला ने गिरफ्तारी को गलत ठहराया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- मेहराज की गिरफ्तारी बिल्कुल गलत है। वे किसी भी रूप से डोडा जिले की शांति के लिए खतरा नहीं थे। अगर चुनी हुई सरकार के प्रतिनिधि के खिलाफ ऐसा बर्ताव होगा, तो जम्मू-कश्मीर के लिए लोकतंत्र में विश्वास करना मुश्किल हो जाएगा।

9 सितंबर: मेहराज की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन

मेहराज की गिरफ्तारी के विरोध में AAP कार्यकर्ताओं और मेहराज के समर्थकों ने डोडा समेत जम्मू-कश्मीर की कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके चलते डोडा जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।

मलिक की रिहाई के समर्थन में नारे लगाते हुए उनके सैकड़ों समर्थकों ने भाट्यास गांव से मार्च निकाला था। ‘डोडा चलो’ के आंदोलन लगाए थे। जिला मुख्यालय आ रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के रोकने पर पत्थरबाजी की थी।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे थे। इलाके में माहौल तनावपूर्ण होने पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई।