व्हाइट हाउस के पास फायरिंग, दो नेशनल गार्ड्स घायल: सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
वाशिंगटन, 27 नवम्बर 2025 । अमेरिका में बुधवार को व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स के 2 जवानों को गोली मार दी गई। इस मामले में एक अफगान शरणार्थी को हिरासत में लिया गया है।
FBI अधिकारियों के मुताबिक, हमले में शामिल संदिग्ध की पहचान 29 साल के रहमानुल्लाह लाकनवाल के तौर पर हुई है। वह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था। उसने 2024 में शरणार्थी के दर्जे के लिए अप्लाई किया था और उसे अप्रैल 2025 में मंजूरी मिली थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे आतंकी घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी शामिल हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने अमेरिका में अफगान शरणार्थियों की तुरंत एंट्री रोकने का ऐलान किया है।
अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इस घटना में दो नेशनल गार्ड्स घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि अमेरिका के अत्यधिक संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में भी खतरे अप्रत्याशित रूप से पैदा हो सकते हैं।
हमलावर ने महिला गार्ड के सिर में गोली मारी
यह हमला फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जहां लाकनवाल कुछ समय तक इंतजार करता रहा और फिर अचानक अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2:15 बजे के आसपास उसने गोलीबारी शुरू कर दी।
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, उसने पहले एक महिला गार्ड को सीने में गोली मारी और फिर सिर में। इसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर फायर किया।
उसी समय पास ही मौजूद तीसरे गार्ड ने लाकनवाल पर चार गोलियां चलाई, जिसके बाद हमलावर को काबू कर लिया गया। हमलावर को लगभग बिना कपड़ों के एम्बुलेंस में ले जाया गया।
10 साल अफगान सेना में काम कर चुका है आरोपी
NBC न्यूज के मुताबिक लाकनवाल के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पला-बढ़ा था। वह 4 साल पहले अमेरिका आया था और वॉशिंगटन के बेलिंगहैम शहर में अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था।
रिश्तेदार ने बताया कि लाकनवाला अमेरिका आने से पहले 10 साल तक अफगान सेना में काम कर चुका था और इस दौरान उसने अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के साथ मिलकर ऑपरेशन भी किए थे।
रिश्तेदार के मुताबिक, लाकनवाल अपनी मिलिट्री सर्विस के दौरान कुछ समय कंधार के एक बेस पर तैनात रहा था। इस दौरान उसने अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी। रिश्तेदार ने कहा कि उनकी लाकनवाल से कई महीनों से बात नहीं हुई थी। आखिरी बार जब बात हुई थी, तब लाकनवाल अमेजन के लिए काम कर रहा था।
फायरिंग के पीछे चाहे जो भी वजह हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक—व्हाइट हाउस—के बाहर घटी यह घटना सुरक्षा ढांचे की चुनौती को उजागर करती है।
यह मामला अमेरिका की घरेलू सुरक्षा, गन वायलेंस और सार्वजनिक सुरक्षा नीतियों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न छोड़ गया है।


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