पहली सरकारी कैब सर्विस “भारत टैक्सी” आज से शुरू — सस्ता, सुरक्षित और सर्वसमावेशी यात्रा विकल्प
नई दिल्ली, 05 फ़रवरी 2026 । भारत में आज से पहली सरकारी कैब सर्विस “भारत टैक्सी” का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसे नागरिकों के लिए सुरक्षित, सस्ता और असरदार यातायात समाधान के तौर पर पेश किया गया है। यह पहल सरकार की स्मार्ट मोबाइल मोबिलिटी पॉलिसी और सार्वजनिक परिवहन को डिजिटल ढांचे से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
देश की पहली सहकारी कैब टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' आज लॉन्च की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में इसकी शुरुआत करेंगे। इस नई सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और वे खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार या मालिक होंगे।
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, 'भारत टैक्सी' का उद्देश्य ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल से आजादी दिलाना है। टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो सफल रहा है।
भारत टैक्सी सेवा का लक्ष्य पारंपरिक और निजी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले में यात्रियों को कम किराया में विश्वसनीय सुविधा देना है। सरकारी चेक और सर्विस स्टैंडर्ड के तहत यह सर्विस खासतौर पर उन उपयोगकर्ताओं के लिए लाभदायक होगी जो दैनिक यात्रा, ऑफिस कम्यूट, मेल-जोल और सामुदायिक उपयोग के लिए किफायती विकल्प खोजते हैं।
सेवा की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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सरकारी कीमत संरचना: निजी कैब सर्विस की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक किराया
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उच्च सुरक्षा मापदंड: ड्राइवर पृष्ठभूमि जांच, ट्रैकिंग और इमरजेंसी सहायता
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डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म: ऐप और कॉल-सेंटर के माध्यम से उपलब्ध
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सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट इंटरफेस: बस/मेट्रो स्टेशनों से सहज कनेक्टिविटी
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सर्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडेल: फ्लीट और प्रबंधन दोनों में सरकारी निगरानी
इस पहल से यात्रियों का विश्वास, ट्रैफिक डिमांड मैनेजमेंट और पर्यावरणीय प्रभाव (कम उत्सर्जन) को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ मोबिलिटी हासिल करने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार यह सेवा विशेष रूप से बड़े शहरों और मोबाइल-निर्भर क्षेत्रों में पहले चरण में लॉन्च होगी, बाद में और स्थानों पर विस्तार की योजना है।
इस पहल से यात्रियों का विश्वास, ट्रैफिक डिमांड मैनेजमेंट और पर्यावरणीय प्रभाव (कम उत्सर्जन) को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ मोबिलिटी हासिल करने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार यह सेवा विशेष रूप से बड़े शहरों और मोबाइल-निर्भर क्षेत्रों में पहले चरण में लॉन्च होगी, बाद में और स्थानों पर विस्तार की योजना है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत टैक्सी की शुरुआत से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे निजी एग्रीगेटर भी अपने सुरक्षा, किराया और सेवा मापदंडों को और उन्नत करेंगे। यात्रियों को विकल्प मिलने से सेवाओं का स्तर सुधरेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
आज से शुरू हो रही यह सरकारी टैक्सी सेवा एक डिजिटल, किफायती और सुरक्षित मोबिलिटी मॉडल के रूप में उभर सकती है, जो भारत की बढ़ती शहरी यात्राओं की चुनौतियों का समाधान खोजने की ओर अग्रसर है।


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