सीमांचल पर फोकस: बिहार दौरे में डीएम-एसपी के साथ बैठक करेंगे अमित शाह, क्या रहेगा एजेंडा?
नई दिल्ली, 24 फ़रवरी 2026 । केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah बिहार के सीमांचल क्षेत्र के दौरे पर जाकर जिला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में संबंधित जिलों के डीएम और एसपी शामिल होंगे। सीमांचल क्षेत्र, जिसमें कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया और अररिया जैसे जिले आते हैं, रणनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिन के बिहार प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान शाह सीमांचल जाकर डीएम-एससी के साथ बैठक करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सीमांचल के सातों जिलों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव पर भी चर्चा की जाएगी. शाह के दौरे को देखते हुए बिहार सरकार अलर्ट मोड में है.
गृह मंत्री अमित शाह अपने दौरे के दौरान अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बैठकें करेंगे. प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उनका फोकस इंडो-नेपाल सीमा से सटे गांवों पर रहेगा. इन सीमा से सटे डीएम और एसपी को शाह खास निर्देश देंगे, जिससे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके. बैठक के दौरान अमित शाह का बॉर्डर क्षेत्रों में अवैध धार्मिक निर्माण डेमोलिशन भी जोर रहेगा. राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सातों जिलों के डीएम और एसपी को तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
क्या हो सकता है बैठक का एजेंडा?
1. कानून-व्यवस्था की समीक्षा
सीमांचल में कानून-व्यवस्था की स्थिति, संगठित अपराध, तस्करी और सीमा पार गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा हो सकती है। पुलिस प्रशासन से मौजूदा हालात और चुनौतियों पर रिपोर्ट ली जाएगी।
2. सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर निगरानी
नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज और तस्करी जैसे मुद्दों पर विशेष फोकस रह सकता है। केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा संभव है।
3. विकास योजनाओं की प्रगति
कानून-व्यवस्था के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल हो सकती है। बुनियादी ढांचा, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं की स्थिति पर रिपोर्ट ली जा सकती है।
4. सामाजिक समरसता और संवेदनशीलता
सीमांचल क्षेत्र सामाजिक रूप से विविध आबादी वाला है। ऐसे में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों पर नियंत्रण के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
5. आगामी चुनावी परिप्रेक्ष्य
राजनीतिक दृष्टि से भी सीमांचल अहम माना जाता है। हालांकि आधिकारिक एजेंडा प्रशासनिक समीक्षा का है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावी रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं।
बैठक के बाद सुरक्षा तंत्र को लेकर कुछ नए दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया जा सकता है कि कानून-व्यवस्था और सीमा प्रबंधन में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।


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