भारत में 4 बड़ी कंपनियां करेंगी AI प्रोजेक्ट्स में बड़ा निवेश — टेक्नोलॉजी सेक्टर में आएगा नया आयाम
नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025 । भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज़ रफ्तार को देखते हुए देश की चार प्रमुख कंपनियों ने आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर AI प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का फैसला किया है। यह कदम न केवल भारतीय टेक सेक्टर को नई दिशा देगा, बल्कि वैश्विक AI इकोसिस्टम में भारत की भूमिका को भी मजबूत करेगा।
सूत्रों के मुताबिक ये कंपनियां हेल्थकेयर, फाइनेंस, एग्रीकल्चर, साइबर सिक्योरिटी, ई-कॉमर्स और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में AI-आधारित समाधानों को विकसित करने के लिए विशेष फंडिंग जारी करेंगी। इससे भारत में अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी को अपनाने की गति और तेज होगी।
भारत दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नया हब बन रहा है। इसका सबूत देश में AI के क्षेत्र में बढ़ता निवेश है। बुधवार को ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने घोषणा की कि वह 2030 तक भारत में निवेश बढ़ाकर 3.15 लाख करोड़ रुपए (35 अरब डॉलर) से अधिक कर देगी। अमेजन ने नए निवेश की घोषणा ऐसे समय की है, जब वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
अमेरिकी थिंक टैंक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन की रिपोर्ट बताती है कि भारत में हर साल 8 लाख से अधिक इंजीनियरिंग स्नातक निकलते हैं, जो अमेरिका से लगभग छह गुना अधिक है। यही नहीं, वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन वर्कफोर्स का 20% से अधिक हिस्सा भारत में मौजूद है।
निवेश के प्रमुख फायदे और प्रभाव:
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AI स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा: इन कंपनियों के सहयोग से छोटे और मध्यम स्तर के स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे।
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रोजगार सृजन: AI डेवलपर्स, डेटा एनालिस्ट्स, मशीन लर्निंग इंजीनियर्स और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मांग तेज़ी से बढ़ेगी।
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ऑटोमेशन और उत्पादकता में वृद्धि: विभिन्न सेक्टरों में मानव त्रुटि कम होगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
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डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती: सरकार की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन नीतियों को निजी कंपनियों का सहयोग नई ऊँचाई देगा।
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वैश्विक कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा: भारत के AI उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में आएंगे
जानिए कौन सी कंपनी कितना निवेश करेगी
अमेजन: इसी माह तेलंगाना, महाराष्ट्र में 1.14 लाख करोड़ रुपए निवेश की घोषणा की थी। बुधवार की घोषणा से कुल निवेश बढ़कर 3.6 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 2010 से अब तक कुल निवेश 3.32 लाख करोड़ रुपए पहुंच चुका है। भारत में 1.2 लाख लोगों को रोजगार।
मेटा: अगस्त में, मेटा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की। दोनों ने भारत और चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिजनेस के लिए एआई समाधान विकसित करने और विस्तार के लिए 900 करोड़ रुपए (100 मिलियन डॉलर) के प्रारंभिक निवेश की घोषणा की।
माइक्रोसॉफ्ट: चार साल में 1.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की। यह एशिया में कंपनी का सबसे बड़ा निवेश है। यह जनवरी में घोषित 27 हजार करोड़ रुपए के निवेश का विस्तार है, जिसे कंपनी 2026 के अंत तक खर्च करेगी। भारत में 22,000 से अधिक कर्मचारी हैं।
गूगल: अक्टूबर में आंध्र के विशाखापत्तनम में एआई हब और डेटा सेंटर के लिए 5 वर्षों में 1.35 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की। यह देश में गूगल का सबसे बड़ा निवेश है। विशाखापत्तनम का प्रोजेक्ट अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा एआई/डेटा सेंटर परिसर होगा।
अडाणी छह साल में 12 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को आईआईटी धनबाद में कहा कि उनका समूह अगले छह साल में भारत में 10 से 12 लाख करोड़ रुपए तक निवेश करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025–2030 के दौरान भारत AI निवेश के लिए दुनिया के शीर्ष 3 देशों में शुमार हो सकता है। यदि ये चार कंपनियां अपना रोडमैप सफलतापूर्वक लागू करती हैं, तो भारत का डिजिटल भविष्य पहले से कई गुना मज़बूत होगा।


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