यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे: 16 गांवों की 740 एकड़ जमीन अधिग्रहण, ₹1200 करोड़ मंजूर
नोएडा , 21 फ़रवरी 2026 । उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना को नई रफ्तार देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बड़ी परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के लिए 16 गांवों की करीब 740 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी और लगभग ₹1200 करोड़ की लागत स्वीकृत की गई है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सरकार बेहतर कनेक्टिविटी के लिए काम कर रही है. सरकार का प्लान है कि यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने का जाए. इसके लिए जमीन खरीद के लिए सरकार ने बजट भी पास कर दिया है. यमुना एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया है.
नोएडा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार योजना बनाकर तेजी से काम कर रही है. सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके लिए यीडा क्षेत्र के 16 गांवों की करीब 740 एकड़ जमीन खरीदने पर जोर दिया जा रहा है. जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना पर काम तेज हो जाएगा.
जमीन अधिग्रहण को लेकर स्थानीय स्तर पर मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर अहम मुद्दे रहेंगे। सरकार की ओर से दावा है कि किसानों को उचित मुआवजा और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे का जुड़ना उत्तर प्रदेश को एक मजबूत एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रदान करेगा, जिससे राज्य राष्ट्रीय लॉजिस्टिक मैप पर और सशक्त होगा। यह परियोजना भविष्य में डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक क्लस्टर्स को भी लाभ पहुंचा सकती है।
₹1200 करोड़ की इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी, व्यापार और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यदि जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य समय पर पूरे होते हैं, तो यह राज्य की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


RashtriyaPravakta