सोना-चांदी के दामों में ऐतिहासिक उछाल

सोना-चांदी के दामों में ऐतिहासिक उछाल

नई दिल्ली,। 05 सितम्बर 25 । भारतीय बाजार में सोना और चांदी दोनों ही धातुएं इस समय अपने ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई हैं। निवेशकों की बढ़ती मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और रुपये की कमजोरी ने इन कीमती धातुओं की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

सोने की कीमत ने बनाया नया रिकॉर्ड

सोना लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,05,000 तक पहुंच गई। महज एक दिन में ₹2,500 तक का उछाल दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में आने वाले समय में सोना और महंगा हो सकता है।

चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल

चांदी ने भी ऐतिहासिक स्तर छू लिया है। बाजार में 1 किलो चांदी की कीमत ₹1,35,000 के पार पहुंच गई है। निवेशकों के बीच चांदी की मांग इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि यह ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी धातु है।

क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
  1. अंतरराष्ट्रीय तनाव – रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व संकट के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने-चांदी में निवेश कर रहे हैं।

  2. डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी – रुपये में गिरावट के कारण आयात महंगा हो रहा है।

  3. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी – दुनिया भर के सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं।

  4. त्योहारी और शादी का सीजन – भारत में पारंपरिक रूप से सोने की भारी मांग रहती है।

निवेशकों और आम लोगों पर असर
  • निवेशक वर्ग – गोल्ड ईटीएफ और फिजिकल गोल्ड में निवेश करने वालों को भारी मुनाफा हो रहा है।

  • आम उपभोक्ता – शादी या त्योहार के लिए सोना-चांदी खरीदना अब और महंगा हो गया है।

  • उद्योग जगत – ज्वेलरी बिजनेस पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

आगे का अनुमान

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी रही तो सोना ₹1.10 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं, चांदी भी ₹1.40 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है।

सोना और चांदी की मौजूदा कीमतें न सिर्फ निवेशकों के लिए सुनहरा मौका साबित हो रही हैं बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कारण भी हैं। आने वाले महीनों में इन धातुओं की दिशा काफी हद तक वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।