हरियाणा राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस विधायकों की ‘बाड़ेबंदी’ हिमाचल में, क्रॉस-वोटिंग के डर से कुफरी-चायल के लग्जरी होटलों में ठहराया गया
हरियाणा , 17 मार्च 2026 । हरियाणा में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को संभावित “क्रॉस-वोटिंग” और “पोलिटिकल पोचिंग” से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों कुफरी और चायल में शिफ्ट कर दिया। यह रणनीति भारतीय राजनीति में अक्सर देखी जाने वाली “बाड़ेबंदी” (Resort Politics) का हिस्सा मानी जा रही है।
राज्यसभा चुनाव के बीच हरियाणा कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल लाकर सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया। इस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस दौरान कुफरी, गलू और चायल के आलीशान होटलों में उनके ठहरने और खानपान की विशेष व्यवस्था की गई। विधायकों के साथ सांसद, प्रदेश प्रभारी, पार्टी अध्यक्ष, सहयोगी स्टाफ और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे, जिससे कुल संख्या करीब 60 लोगों तक पहुंच गई।
सूत्रों के अनुसार विधायकों का ठहराव और भोजन मुख्य रूप से रेडिसन कुफरी और ट्विन टावर गलू में रखा गया। वहीं शनिवार को दोपहर का भोजन आईटीसी तवलीन होटल, चायल में तथा रविवार को दोपहर का भोजन वाइल्ड फ्लावर हॉल में आयोजित किया गया। विधायकों, सांसदों, पार्टी प्रभारी और अन्य वीआईपी लोगों और उनके स्टाफ के ठहरने और खाने-पीने पर करीब 30 लाख रुपए खर्च हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 30 से अधिक कांग्रेस विधायक हिमाचल के लग्जरी होटलों में ठहराए गए, जहां उनकी विशेष देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था की गई। बताया जा रहा है कि इन विधायकों को एक साथ रखा गया ताकि किसी भी तरह के दबाव, लालच या संपर्क से उन्हें दूर रखा जा सके।
रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि विधायक कुफरी के रिसॉर्ट में ठहरे थे और दिन के समय चायल जैसे हिल स्टेशन क्षेत्रों में गए, जहां उनके लिए विशेष भोजन और सुविधाओं का इंतजाम किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सबसे बड़ा कारण राज्यसभा चुनाव में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और क्रॉस-वोटिंग का खतरा है। इस बार चुनाव त्रिकोणीय हो गया है, क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस के अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस को खासतौर पर अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है, क्योंकि पहले भी पार्टी को राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पार्टी ने पहले से ही एहतियात बरतते हुए विधायकों को सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला किया। हालांकि, इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही है, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कुल मिलाकर, हिमाचल के लग्जरी होटलों में कांग्रेस विधायकों की ‘बाड़ेबंदी’ यह दिखाती है कि हरियाणा का राज्यसभा चुनाव सिर्फ राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि रणनीति, प्रबंधन और नंबर गेम की जंग बन चुका है।


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