दिल्ली में अवैध गैस सिलेंडरों का भंडाफोड़: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जमाखोरी करने वालों पर कसा शिकंजा
नई दिल्ली , 17 मार्च 2026 । दिल्ली में अवैध गैस सिलेंडरों के बड़े जखीरे का खुलासा होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिन्हें गैरकानूनी तरीके से जमा कर रखा गया था। एक तरफ सिलेंडर की भारी कमी है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे ऊंचे दामों पर बेच रहे है। पुलिस ने कई इलाकों में छापेमारी कर अवैध रीफिलिंग, कालाबाजारी और जमाखोरी का भंडाफोड़ कर अवैध सिलेंडर पकड़े है। वहीं अभी भी सिलेंडर बुकिंग और डिलिवरी में हो रही देरी की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (ABKC) ने बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी का बड़ा खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान एक गोदाम से अलग अलग कंपनियों के कुल 610 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए, जिन्हें सुरक्षा मानकों और सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से रखा गया था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं और उन्हें अवैध रूप से स्टॉक कर रखा है। इसके बाद टीम ने संबंधित इलाके में रेड डालकर भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सिलेंडर बिना वैध लाइसेंस के रखे गए थे और इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गैस जैसी आवश्यक वस्तु की जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह बड़ी संख्या में सिलेंडर एक ही जगह पर जमा करना बेहद खतरनाक होता है। इससे आग लगने या विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आसपास के लोगों की जान को भी जोखिम हो सकता है।
अवैध जमाखोरी के कारण बाजार में सिलेंडरों की कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पाती। पुलिस की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि सप्लाई सिस्टम में सुधार आएगा और कालाबाजारी पर लगाम लगेगी।
फिलहाल, पुलिस ने जब्त किए गए सिलेंडरों की गिनती और उनके स्रोत की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।


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