अरे, रेखा जी यह क्या कर दिया !
" आलोक गौड़ "
" कबीरा खड़ा बाजार में , मांगे सबकी खैर
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर। "
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री से लेकर भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेताओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के मन की बात सुनना न केवल अनिवार्य है, बल्कि उस बात का एक एक शब्द उनके लिए पवित्र गीता की तरह है। जिसकी शान में कसीदे पढ़ना उतना ही जरूरी है, जितना सांस लेना। बावजूद इसके दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को समयपुर बादली में आयोजित एक कार्यक्रम में ऐसा कुछ किया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
दरअसल रेखा गुप्ता समयपुर बादली में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गईं थीं। उस वक्त वहां बड़े पर्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के मन की बात का प्रसारण दिखाया जा रहा था। तभी अचानक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वह प्रसारण बंद करवा कर अपनी बात सुनानी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री की इस हरकत पर लोगों ने व्यापक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उस कार्यक्रम में आए और प्रधानमंत्री की मन की बात सुनने के लिए आए लोगों के लिए यह आश्चर्य का विषय था कि अचानक मुख्यमंत्री के इशारे पर लोगों को प्रधानमंत्री की मन की बात सुनने से वंचित कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी की मन की बात लोगों को सुनवाने के लिए प्रदेश की ओर से न केवल विशेष उपाय किए जाते हैं बल्कि कार्यकर्ताओं को उनकी बात सुनने के लिए मजबूर भी किया जाता है।
समयपुर बादली के विधायक दीपक चौधरी ने अपने क्षेत्र के लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात सुनवाने के लिए विशेष प्रबंध किए थे। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम शुरू होने से पहले आना था। लेकिन वह देर से आईं और आते ही प्रधानमंत्री का प्रसारण रुकवा कर अपनी बात कहने लगीं। उनकी यह हरकत देख कर वहां मौजूद लोग न केवल हतप्रभ रह गए बल्कि उनमें नाराज़गी भी पैदा हो गई। उनके मुताबिक उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वह प्रधानमंत्री मोदी की बात सुनने आए थे, न कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का प्रलाप सुनने।
अपनी बात सुनाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार जहां पर झुग्गी वहीं मकान देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि इस काम के लिए उनकी सरकार ने सात हजार करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान भी किया है ।
गौरतलब है कि अदालती आदेश के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण ने जिन दो झुग्गी बस्तियों को 31 जुलाई को तोड़े जाने के नोटिस जारी किए हैं, उनमें रेखा गुप्ता के निर्वाचन क्षेत्र शालीमार बाग स्थित झुग्गी बस्ती भी शामिल है।
दिलचस्प बात तो यह है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण दिल्ली सरकार के अधीन नहीं, लिहाजा उससे संबंधित फैसले लेने का मुख्यमंत्री को भी अधिकार नहीं है।
वैसे यह पहला अवसर नहीं है, जब रेखा गुप्ता ने खुद को महिमा मंडित करने का प्रयास किया है। इससे पहले भी वह कह चुकीं हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बुलाया था। लेकिन वह उनके पास न जाकर अपने लोगों के बीच आईं हैं।


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