IDFC फर्स्ट बैंक का शेयर 20% लुढ़का, ₹67 पर पहुंचा – निवेशकों में बढ़ी चिंता

IDFC फर्स्ट बैंक का शेयर 20% लुढ़का, ₹67 पर पहुंचा – निवेशकों में बढ़ी चिंता

नई दिल्ली, 23 फ़रवरी 2026 । प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख बैंक IDFC First Bank के शेयर में अचानक 20% की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद भाव गिरकर करीब ₹67 पर आ गया। इस गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी और निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया।

IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर आज यानी 23 फरवरी को 20% गिरकर 67 रुपए पर आ गए। बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपए का फ्रॉड सामने आने के बाद शेयर गिरे हैं। यह फ्रॉड हरियाणा सरकार से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में अनधिकृत ट्रांजैक्शन के जरिए किया गया है।

जितने का ये फ्रॉड है, वह बैंक के तीसरी तिमाही के शुद्ध मुनाफे 503 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, "हम इस घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं, सिस्टम में कोई दिक्कत नहीं है।"

शेयर बाजार में किसी बैंकिंग स्टॉक का एक दिन में 20% गिरना सामान्य घटना नहीं मानी जाती। विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—तिमाही नतीजों में दबाव, एनपीए (NPA) से जुड़ी आशंकाएं, मार्जिन पर असर, या फिर किसी बड़ी डील/संरचनात्मक बदलाव को लेकर बाजार की नकारात्मक प्रतिक्रिया।

बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की नजर आमतौर पर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM), एसेट क्वालिटी, लोन ग्रोथ और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो पर रहती है। यदि इनमें से किसी संकेतक में कमजोरी दिखाई देती है, तो शेयर पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा व्यापक बाजार में बिकवाली या विदेशी निवेशकों (FII) की निकासी भी कीमतों को प्रभावित करती है।

इस गिरावट का असर सिर्फ IDFC फर्स्ट बैंक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य बैंकिंग शेयरों में भी हल्का दबाव देखा गया। हालांकि लंबी अवधि के निवेशक अक्सर ऐसे उतार-चढ़ाव को अवसर के रूप में देखते हैं, बशर्ते कंपनी के फंडामेंटल मजबूत बने रहें।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेश से पहले बैंक के ताजा वित्तीय नतीजों, प्रबंधन की टिप्पणी और भविष्य की गाइडेंस पर ध्यान देना जरूरी है। अल्पकालिक गिरावट हमेशा दीर्घकालिक कमजोरी का संकेत नहीं होती, लेकिन जोखिम प्रबंधन और पोर्टफोलियो संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और विवेक से निर्णय लेने का है। आने वाले कारोबारी सत्रों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेयर में रिकवरी आती है या दबाव जारी रहता है।