औली से बदरीनाथ तक बर्फबारी का नजारा: सफेद चादर में ढकीं हिमालय की चोटियां

औली से बदरीनाथ तक बर्फबारी का नजारा: सफेद चादर में ढकीं हिमालय की चोटियां

चमोली, 17 मार्च 2026 । उत्तराखंड के प्रमुख पर्वतीय इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद औली से लेकर बदरीनाथ तक की ऊंची चोटियां सफेद बर्फ की चादर से ढक गई हैं। इस खूबसूरत नजारे ने जहां एक ओर पर्यटकों को आकर्षित किया है, वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उत्साह का माहौल है।

बर्फ से ढके बुग्याल, पर्यटक स्थल हुए गुलजार: कर्णप्रयाग। बीते रविवार को हुई बारिश से मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड, आयजनटॉप, आली, वेदनी बुग्याल, ब्रह्मताल बुग्याल, बगजी बुग्याल बर्फ से ढक गए हैं। सोमवार को बर्फबारी देखने ब्रह्मताल व वाण-वेदनी ट्रैक पर करीब 45 पर्यटक पहुंचे। वहीं लोहाजंग के लॉज व्यवसायी व रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा ने बताया कि ट्रैकिंग कंपनी विकट एडवेंचर व इंडिया हैक्स के माध्यम से पर्यटक सोमवार सुबह लोहाजंग से रवाना हुए। पर्यटन स्थलों पर एक से दो फीट बर्फबारी हुई है। वहीं बुग्याल व गांव के आसपास हुई बर्फबारी से हिमालयी क्षेत्र के गांव वाण, कुलिंग, घेस, बलाण, हिमनी, पिनाऊं, वांक, लोहाजंग, दीदना आदि गांवों में भी सर्द हवा चलने से ठंड बढ़ गई है। वहीं कर्णप्रयाग में मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई है।

बर्फबारी के बाद पहाड़ों का दृश्य बेहद मनमोहक हो गया है। देवदार और बुरांश के पेड़ों पर जमी बर्फ, घुमावदार सड़कों के किनारे सफेद परत और दूर तक फैली बर्फीली चोटियां प्राकृतिक सौंदर्य को और भी खास बना रही हैं। औली जैसे स्कीइंग डेस्टिनेशन पर बर्फ गिरने से एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी नया जीवन मिला है।

वहीं, बदरीनाथ धाम और आसपास के इलाकों में बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी पर्यटकों और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है, खासकर उन लोगों के लिए जो ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा की योजना बना रहे हैं।

बर्फबारी का असर यातायात पर भी पड़ा है। कई ऊंचाई वाले मार्गों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है। हालांकि, प्रशासन द्वारा सड़कों से बर्फ हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि आवाजाही सुचारू बनी रहे।

पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि इस बर्फबारी से आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। खासकर विंटर सीजन में औली और बदरीनाथ जैसे स्थान देश-विदेश के सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं।